धमतरी

स्कूल शिक्षा मद आरईएस को देने से सरकार से नाराज हुए सरपंच, सरपंच संघ ने लिया फैसला, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
11-Apr-2023 2:46 PM
स्कूल शिक्षा मद आरईएस को देने से सरकार से नाराज हुए सरपंच, सरपंच संघ ने लिया फैसला, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरूद, 11 अप्रैल। चुनाव में लाखों रुपए खर्च कर ग्रामीण सता के सिरमौर बने सरपंच पंचायत में भौतिक विकास नहीं होने से खाली बैठे हैं। इक्का दुक्का विकास कार्य मंजूर हो भी रहे हैं तो उसे भी शासकीय एजेंसियों से कराया जा रहा है। परेशान सरपंचों ने बैठक कर अधिकारियों से कोई राह निकालने की गुहार लगाई है।

सोमवार को जनपद पंचायत के सभा हाल में कुरुद ब्लॉक सरपंच संघ की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। सरपंच संघ अध्यक्ष डीलन चन्द्राकर ने बताया कि प्रशासन ने स्कूल शिक्षा मद की कार्य एजेंसी आरईएस को बनाया है, हमारी मांग है कि उपरोक्त आदेश में संशोधन कर, स्कूल शिक्षा मद से होने वाले कार्य पंचायत से कराया जाए। मनरेगा के नियमों में नित होने वाले बदलाव ने सरपंचों को परेशान कर दिया है,जीपीआर सिस्टम से भुगतान होने के कारण सरपंचों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जितने का एस्टीमेट बना है उससे कम का मूल्यांकन होता है, इसके बाद मूल्यांकन से भी कम का भुगतान होने से सरपंच बर्बाद हो रहें हैं। इसके अलावा जिस पंचायत का अनफ्रीज नहीं हुआ या डीपीआर में जीरो दिखाया जा रहा है उन्हें भुगतान संबंधी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

उपाध्यक्ष थानेश्वर तारक का कहना है कि मनरेगा राशि की भुगतान समय पर नहीं होने से हम मटेरियल सप्लायर के तकादे से हलाकान है, सचिवों की हड़ताल से पंचायत का काम-धाम पहले ही ठप्प पड़ा है, दुसरी ओर आरटीआई के जरिए उगाही करने वाले एक्टिविस्टों ने हमारा जीना मुहाल कर रखा है।

 बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 18 अप्रैल को धमतरी कलेक्टर को ज्ञापन सौंप अपनी समस्या बताएंगे। इसके लिए 10-10 पंचायतों का ग्रुप बनाकर संबंधित सरपंचों को अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बारे में कुछ भाजपा समर्थित सरपंचों का कहना है कि हमने पांच साल पहले भी सरपंची की है, तब लाखों के काम चुटकियों में मंज़ूर होते थे लेकिन अब हमें छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी में उलझा दिया गया है, मनरेगा के अलावा कोई काम है नहीं खाली पेंशन बांट सरपंच अपना समय बिता रहे हैं।

 सरपंच संघ की बैठक में सीईओ जेएल यादव, कार्यक्रम अधिकारी कुंती देवांगन, रामचंद्र साहू, नेमेंश्वर साहू, कन्हैयालाल सिन्हा, पुरुषोत्तम प्रजापति, युवराज साहू, नारायण साहू, लिलेश्वरी देवांगन, पुनेश्वर साहू, बहुर राम, बेनीराम साहू, घनश्याम साहू, फत्तेराम महार, पार्वती सिन्हा, सुलोचना महिलांगे, सीमा बघेल, टेमिन साहू,सुशीला साहू, नेमिन सिन्हा, सुनीता साहू, आमिनी साहू, महेश्वरी, हीरा चंद्राकर, अमृता देवांगन, त्रिवेणी साहू, तारा बांधे, मिनेश्वरी साहू, तुलसी यादव, जगतपाल, रूपेश निर्मलकर, बसंती साहू, खुशबू यादव, कविता चौधरी, दिनेश्वरी साहू आदि सरपंच शामिल थे।


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