धमतरी

4 लाख का डिस्पोजल, पॉलीथिन व चम्मच जब्त, कारोबरी पर 30 हजार का जुर्माना
06-Apr-2023 3:07 PM
4 लाख का डिस्पोजल, पॉलीथिन व चम्मच जब्त, कारोबरी पर 30 हजार का जुर्माना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 धमतरी, 6 अप्रैल। प्रतिबंधित पॉलीथिन व डिस्पोजल बेचने व उपयोग पर 9 महीने पहले सरकार ने बैन लगा दिया है, बावजूद शहर के कुछ चिल्हर व थोक व्यापारी खुलेआम इसकी बिक्री कर रहे हैं। बुधवार देर-शाम को निगम अफसरों ने सिहावा रोड पर झूलेलाल ट्रेडर्स में छापामार कार्रवाई की। जहां करीब 4 लाख का डिस्पोजल, पॉलीथिन व चम्मच जब्त की। इस कार्रवाई से इस कारोबार से जुड़े अन्य व्यापारियों में हडक़ंप है।

बुधवार को दोपहर 3 बजे कार्यपालन अभियंता विजय खलखो के साथ अन्य अफसर जांच पर निकले। सिहावा चौक स्थित महालक्ष्मी एनक्लेव पास झूलेलाल ट्रेडर्स में टीम पहुंची। जहां प्रतिबंधित पॉलीथिन बेच रहे थे। अफसरों ने दुकान के अंदर जांच की, तो कार्टून व बोरियों में डिस्पोजल, पॉलीथिन व चम्मच मिली। दुकान से सभी प्रतिबंधित सामान को बाहर निकाला गया। जब्त सामान फिल्टर प्लांट में रखा गया।

एफआईआर की चेतावनी देकर छोड़ा

निगम के कार्यपालन अभियंता विजय खलखो ने बताया कि झूलेलाल स्टोर से 108 कार्टून डिस्पोजल, 18 बोरी पॉलिथीन व 8 बोरी प्लास्टिक चम्मच जब्त किया। जिसकी अनुमानित लागत करीब 3 लाख रुपए हे। दुकान संचालक संतोष कुमार बोधवानी के खिलाफ पंचनामा बनाया। व्यापारी पर 30 हजार जुर्माना लगाया है। हिदायत दी कि दोबारा बैन पॉलीथिन जब्ती पर एफआईआर होगी। कार्रवाई में स्वास्थ्य अधिकारी श्रीनिवास त्रिवेदी, मिशन मैनेजर शशांक मिश्रा, सहायक राजस्व निरीक्षक कमल सिन्हा, दीपक पांडेय सहित निगम के 25 से 30 कर्मचारी उपस्थित थे।

यहां सर्वाधिक पॉलीथिन केरी बैग का उपयोग

दूध, दही, पनीर आदि में- शहर में दर्जनों डेयरियां हैं, जहां खुला दूध बेचा जाता है और वह सिर्फ पॉलीथिन पैकिंग में ही।

किराने की दुकान व सब्जी बाजार- शहर भर की सैकड़ों किरानें की दुकानों में खुलेआम सामान पॉलीथिन केरी बैग में ही दिया जाता है।

पॉलीथिन के बदले ये हैं विकल्प

पॉलीथिन का सबसे बेहतर विकल्प है कपड़ों से बनाए गए थैले। इसके अलावा कागज के थैले, जूट के थैले, नायलॉन, कैरी बैग जैसे प्रोडक्ट कम पैसे में छोटे बिजनेस के रूप में मुनाफा कमाने का एक जरिया हैं। यह पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं होते हैं।

यह सभी सामान बैन

नोटिस के मुताबिक 1 जुलाई 2022 से प्लास्टिक झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, प्लास्टिक कप, प्लेट, गिलास, कांटा, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पीवीसी बैनर शामिल हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राज्य की एजेंसियों को निर्देश दिए है। उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा, जो 5 साल की जेल या 1 लाख रुपए हो सकते हैं।


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