धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 3 अप्रैल। मां कर्मा के जीवन से हमें आत्मबल, निर्भीकता, साहस,पुरूषार्थ, समानता और राष्ट्रभावना की शिक्षा मिलती है। सामाजिक अन्याय के आगे झुके बिना, संसारिक दु:ख-सुख को स्वीकार कर उन्होंने गृहस्थ जीवन यापन कर नारी जाति का सम्मान बढ़ाया। उक्त बातें मंडी अध्यक्ष नीलम चन्द्राकर ने कर्मा जयंती कार्यक्रम में कही।
कुरुद विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत मूरा में ग्रामीण साहू समाज के तत्वधान में आयोजित भक्त माता कर्मा जयंती एवं साहू समाज भवन का लोकार्पण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ। समाज के लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नीलम चंद्राकर ने बताया कि मां कर्मा सेवा, त्याग, भक्ति समर्पण की देवी हैं। देश-विदेश में सर्व साहू तेली समाज की आराध्य देवी कर्मा माता की गौरव गाथा जन-जन के मानस में श्रद्धा भक्ति भाव से समाई हुई है। अतीत में उनकी पावन गाथा से सम्बन्धित लोकगीत इस बात के प्रमाण है कि मां कर्मा कोई काल्पनिक पात्र नही है। हमने बुजुर्गों से सुना है कि उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने साक्षात् दर्शन दिया और माता कर्मा की गोद में बैठ कर उनके हाथों से खिचड़ी खाई है।
कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रही जिला पंचायत सभापति सुमनसंतोष साहू, विशिष्ट अतिथि तारिणी चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष शारदा लोकनाथ साहू ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मां कर्मा के शौर्य गाथा का वर्णन किया। इस अवसर पर कृष्णा साहू, ईश्वर साहू,परमेश्वर साहू, पन्नालाल साहू, रामचरण, नाथूराम, खुमान, कमलेश्वर, रामबगस, नागेश्वर, रामेश्वरी, सेवक राम साहू, प्रज्ञा साहू, नहरू राम, हुलास, भानुप्रताप, विश्वनाथ, भोजराम, युवराज, जीवन, सुरजेलाल साहू, सहित समाज के लोग उपस्थित थे।


