धमतरी

मिट्टी सडक़ निर्माण से आवागमन की सुविधा में विस्तार
14-Feb-2023 2:30 PM
मिट्टी सडक़ निर्माण से आवागमन की सुविधा में विस्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 14 फरवरी।
गांव की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति की कल्पना बिना अच्छी सडक़ के करना संभव नहीं है। इसलिए आवश्यकतानुसार प्रत्येक गांव को आवागमन विस्तार हेतु मिट्टी सडक़ निर्माण कार्य से जोड़ा गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़ निर्माण होने से शिक्षा, स्वास्थ्य पर निरंतर सुधार हुआ है। इससे एक गांव से दूसरे गांव और गांवों से शहर के संपर्क जुड़ते गए। 

निर्माण हेतु बसाहट के आधार पर प्राथमिकता तय की गई। सडक़ निर्माण से ग्रामीण मुख्य धारा से जुड़ते गये व पारिवारिक रहन-सहन स्तर में बदलाव आया है। आज बिना तकलीफ के ग्रामीणों को आसानी से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। एक तरफ सडक़ निर्माण से ग्रामीणजनों में हर्ष है वहीं स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं के साथ ही कृषि उपज भी सहजता से बाजार तक पहुंच रही है। यह संभव हुआ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् मिट्टी सडक़ निर्माण कार्य से। 

इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोक्तिमा यादव ने बताया कि यह क्षेत्र उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व के मानक नियमों का पालन कर किया गया है। योजना के प्रावधान अनुसार ग्रामीणों के आवागमन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मिट्टी सडक़ निर्माण कार्य को बेहतर किया गया है। ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराकर लाभान्वित किया गया है। मिट्टी सडक़ निर्माण कार्य से ग्रामीणों, किसानों को आवागमन की नियमित सुविधा मुहैया कराई जा रही है। सडक़ निर्माण कार्य से ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत कार्य और ग्राम पंचायत से संबंधित कार्य करने में आसानी हो रही है। ग्राम पंचायत फरसगांव का ठोठाझिरिया, खल्लारी पंचायत का आश्रित ग्राम आमझर, साल्हेभाठ, चमेदा, गाताबाहरा, करही पंचायत का मासुलखोई, रिसगांव, लिखमा पंचायत का

आश्रिम ग्राम एकावारी के ग्रामीणजनों को आवागमन की सुविधा मिल रही है। वहीं खल्लारी पंचायत में सीआरपीएफ का कैम्प स्थापित है। जवानों को क्षेत्र की निगरानी करने में सुलभता हो रही है।
आजादी के 50 वर्ष बाद ग्राम पंचायत-मौहाबाहरा, बिरनासिल्ली (फरसगांव), खल्लारी जहां 18 किलोमीटर तक मिट्टी सडक़ निर्माण कार्य से आवागमन की सुविधा में विस्तार हुआ है। इस कार्य की स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2017-18 में हुई है। निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति वन परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र-रिसगांव, उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद से प्राप्त तकनीकी स्वीकृति के आधार पर उपनिदेशक, उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद के देखरेख में राशि- 50.88 लाख रू. की लागत से 18 कि.मी. निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। 

इसी तरह जिला पंचायत धमतरी द्वारा वर्ष 2016 में वनपरिक्षेत्र अधिकारी, उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व, अरसीकन्हार के प्राप्त तकनीकी स्वीकृति के आधार पर ग्राम- मौहाबाहरा, बिरनासिल्ली के लिए राशि 33.67 लाख रू. की लागत से मिट्टी सडक़ निर्माण कार्य से आवागमन की दूरी को आसान बनाया। 

ग्राम पंचायत मौहाबाहरा की सरपंच  शिवकुमारी, फरसगांव के सरपंच ईश्वर नेताम, खल्लारी के सरपंच तुलाराम नेताम ने बताया कि आजादी के 50 वर्ष बाद भी आवागमन का कोई साधन नहीं था। सडक़ निर्माण से पहले पैडगरी रास्ते से सफर करना पड़ता था। जंगली जानवर के भय के अतिरिक्त अनेको कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में रास्ते भर पैर कीचड़ से सना रहता था जिससे पैदल चलना दूभर था। किन्तु अब सडक़ निर्माण से आवागमन की दूरी कम हुई। गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय जैसी मूलभूत सुविधा का विस्तार हुआ।

 


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