धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 13 फरवरी। जय सतनाम ज्ञान श्रोत सत्संग समिति भालुकोना के बैनर तले आयोजित सत्संग में प्रदेश के चुनिंदा पंडितों ने तीन दिनों तक छतीसगढ़ के प्रथम संत गुरु घासीदास बाबा के क्रांतिकारी विचारों एवं मानवतावादी सिद्धान्त की व्याख्या करते हुए सतनाम दर्शन से लोगों को अवगत कराया।
कुरुद ब्लॉक अंतर्गत ग्राम भालुकोना में आयोजित ज्ञान श्रोत सतसंग का शुभारम्भ शासकीय अधिकारी डॉ. यूएस नवरत्न, राजकुमार रात्रे, सुरेश कोसरे द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। आयोजन समिति प्रमुख हरिशंकर सोनवानी के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें माता बहनों ने कलश धारण कर एवं युवावर्ग ने पंथी नृत्य के साथ गुरु बाबा की जयकारा लगाते हुए शामिल हुए।
10 फरवरी को पं. अमरदास बंजारे, शत्रुहन बारले, रामा रात्रे,होमिन माहेश्वरी 11 फरवरी को पंडित पन्नालाल कुर्रे, तुलेश्वर धृतलहरे, अमर मोहन बारले, मोतीलाल धृतलहरे एवं गोवर्धन दास बघेल एवं 12 फरवरी को पं. मंथीर लाल बांधे, राजेश बंजारे, किस्मत भारती, ताम्रप्रकाश, चंदन बांधे ने श्रोताओं की भीड़ को गुरुवाणी का मर्म समझाया।
समिति के आमंत्रण पर पहुंचे मंडी अध्यक्ष नीलम चंद्राकर ने बाबा घासीदास के मनखे मनखे एक समान के संदेश को आज के समाजिक परिपेक्ष्य में बेहद प्रासंगिक बताया, उन्होंने कहा कि हम सब को बाबा के बताए मार्गो पर चलकर समाजिक कुरीतियों को दूर करने की जरूरत है।
ग्रामवासियों की मांग पर मंडी बोर्ड से 10 लाख रुपये से कव्हर्ड शेड बनवाने का वायदा किया। कार्यक्रम में कुरुद नपं अध्यक्ष तपन चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष शारदा लोकनाथ साहू, मंडी उपाध्यक्ष प्रमोद साहू, भाजपा नेता कुलेश्वर चंद्राकर, रविकांत चंद्राकर, भानू चंद्राकर, तिलोक चंद जैन सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर सतनाम के अनुयाइयों को बधाई दी।
लखनलाल सोनवानी, भागचंद चेलक, भूषण बंजारे, किशोर कुर्रे, सत्यनारायण टंडन, तिलक भारती, प्रवीण जोशी, नोरेन्द्र कोसरिया, कन्हैया डहरे, मुकेश सोनवानी, संदीप बारले, लोकेश मनहर, कुलदीप, हेमकुमार, विक्रम बंजारे, निखिल, भानेन्द्र, कैलाश, मनोज आदि ने समापन तिथि को रात्रि में चंदन बांधे के लोक दर्पण सांस्कृतिक प्रोग्राम में उमड़ी भीड़ को सम्हालने में सराहनीय योगदान दिया।


