धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 10 फरवरी। सहायक शिक्षक एवं नवीन प्रधानपाठकों ने छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय निर्देशानुसार रावणभाठा मैदान नगरी में अनिश्चितकालीन आंदोलन के चौथे दिन छत्तीसगढ़ महतारी एवं भारत माता के पूजा अर्चना,व राजकीय गीत के साथ प्रारंभ किया गया।
भूपेश सरकार द्वारा पिछले सत्र दिसंबर 2021 में 18 दिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद कमेटी बनाकर हमारे मुख्य मांग प्रथम नियुक्ति तिथि से वेतन विसंगति को दूर करने के लिए एक कमेटी बनाया गया था। जिसे आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया और ना ही वेतन विसंगति को दूर किया गया। सरकार के द्वारा हमारे आंदोलन को तोडऩे के लिए कुछ साथियों को प्रधान पाठक बना दिया गया किंतु, उन्हें भी वेतन विसंगति का लाभ नहीं मिला।
नवनियुक्त प्रधान पाठक साथी समतुल्य वेतन में आ चुके है। भूपेश सरकार को सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के द्वारा हमारी मांगों को अभिलंब पूर्ण करने के लिए बार-बार एवं चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है, किंतु सरकार द्वारा अभी तक इस हेतु कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सहायक शिक्षक फेडरेशन के साथियों में काफी नाराजगी है। जिसके परिणाम स्वरूप सभी शिक्षकों को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ा।
सहायक शिक्षक फेडरेशन/शिक्षक फेडरेशन के सचिव गजानंद सोन, कमलेश चन्द्राकर सहसचिव व बसंत साहू ने बताया कि आज भरत ठगेल,नवदीप सलाम,चंन्द्रकुमारी नौरंगे एवं सारे वक्ताओ ने कहा कि आगामी समय में राज्य सरकार को हमारी मुख्य माँग प्रथम नियुक्ति तिथि से वेतन विसंगति दूर करना होगा। क्योंकि इसी सरकार के मंत्री टी.एस.देव एवं स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया था कि वर्ग 1 एवं 2 के साथियों के वेतन की तुलना में सहायक शिक्षक साथियों के वेतन में भारी असमानता हैं। जिसे छ.ग.कांग्रेस द्वारा अपने घोषणापत्र में भी प्रमुखता से स्थान दिया गया था। किंतु सरकार बनने के 4 साल पूर्ण होने के बाद भी, सहायक शिक्षक फेडरेशन के मुख्य मांग,प्रथम नियुक्ति तिथि से वेतन विसंगति को दूर करने के लिए कोई ठोस कारगर कदम नहीं उठाया गया। आन्दोलन से प्रेरित होकर स्वफूर्त होकर अनुप कुमार ध्रुव ने टीचर्स एसोसिएशन को छोडक़र छ.ग.सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन का सदस्यता ग्रहण किया।
उक्त आंदोलन को शरीफ बिग मिर्जा अध्यक्ष, प्रकाश चंद साहू उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष चैंपेश्वर साहू, शशिकांत बैरागी अध्यक्ष आन्दोलन समिति, टीकाराम कुंजाम,अनिल कुमार साहू अंकेक्षक, ममता प्रजापति अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, कुमारी साहू,स्कंध शेष,राजकुमारी सिन्हा, खंजना कश्यप, रोशन शांडिल्य,टीका राम कुंजाम,सुरेन्द्र प्रजापति के द्वारा आंदोलन को संबोधित किया गया।


