धमतरी

प्लास्टिक मुक्त होगा मां अंगारमोती परिसर, पानी टंकी व शौचालय बनेगा
09-Jan-2023 3:58 PM
प्लास्टिक मुक्त होगा मां अंगारमोती परिसर, पानी टंकी व शौचालय बनेगा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 9 जनवरी।
मां अंगार मोती मंदिर में हर दिन सैकड़ों भक्त पूजन-अर्चना करने पहुंचते हैं। केंद्र सरकार ने पॉलीथिन पर बैन तो लगा दिया, लेकिन उपयोग धड़ल्ले से हो रहे है। गंगरेल में जगह-जगह पॉलीथिन व प्लास्टिक बिखरे है। नष्ट भी नहीं हो पा रहा। भविष्य को ध्यान में रखकर अब मंदिर परिसर को ट्रस्टी प्लास्टिक मुक्त करने की तैयारी है। यह फैसला मंदिर ट्रस्ट की बैठक में लिया गया।

अंगारमोती ट्रस्ट के अध्यक्ष जीवराखन लाल मरई की अध्यक्षता में ट्रस्ट की बैठक 7 जनवरी को हुई। सभी सदस्यों की उपस्थिति हुई इस बैठक में जरूरी विषयों पर चर्चा कर कई निर्णय लिए गए। अंगारमोती परिसर एवं आसपास को स्वच्छ रखने प्लास्टिक मुक्त अंगार मोती परिसर बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए व्यापारियों और श्रद्धालुओं से प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील की गई है। प्रतिबंध के बावजूद कोई उपयोग करते पकड़े गए तो जुर्माना की कार्रवाई होगी। इसके अलावा ट्रस्ट के द्वारा परिसर में पानी टंकी, माई की बगिया, शौचालय बनेगा।

ज्योत स्थल में होंगे कई बदलाव
बैठक में निर्माण संबंधी विषयों पर चर्चा हुई। व्यावसायिक परिसर निर्माण के लिए जिला प्रशासन से सहयोग लेकर ट्रस्ट की राशि से व्यवस्थित व्यवसायिक परिसर बनेगा। मां अंगार मोती में हर साल दोनों नवरात्र में ज्योत प्रज्वलित होता है, इसलिए ज्योत स्थल में कई बदलाव होंगे। बैठक में ढालूराम ध्रुव, ओंकार नेताम, रामजी ध्रुव, कोमल सिंह ठाकुर, सरजू राम ठाकुर, शिवचरण नेताम, बलीराम ध्रुव, पुजारी ईश्वर सिंह ध्रुव, मानसिंह मरकाम, अर्जुन सिंह कोर्राम, डॉ. एआर ठाकुर, सुदर्शन ठाकुर, लखनलाल ध्रुव, बुधनतींन ध्रुव, कृष्णा नेताम, रोशन मरकाम उपस्थित थे।

- पर्यटन एवं जल संसाधन विभाग द्वारा बैरियर में मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से राशि वसूले रहे है, इसे रोकने प्रशासन से होगी।
- मंदिर के आसपास हो रहे अतिक्रमण को हटाने प्रशासन से सहयोग लेकर कार्रवाई की जाएगी। ताकि अतिक्रमण आगे न बढ़े।
- मंदिर परिसर सहित आसपास क्षेत्र का कायाकल्प करने सहित अन्य व्यवस्था होगा, ताकि श्रद्धालुओं को कोई समस्या न हो।
- परिसर में विशेष पूजा के लिए जो प्रसाद बनता है, उसे ट्रस्ट द्वारा जिला प्रशासन एवं वन विभाग की सलाह पर दूसरे जगह व्यवस्था बनाई जाएगी।
 


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