धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 29 दिसंबर। जिला पंचायत की बैठक में अवैध रूप से रेत उत्खनन और परिवहन का मामला गरमाया रहा। इस मामले में जिला पंचायत सदस्यों के निशाने पर खनिज अधिकारी रहे।
बुधवार को जिला पंचायत में सामान्य प्रशासन की बैठक अध्यक्ष कांति सोनवानी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें शासन की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीशु चन्द्राकर ने खनिज विभाग के अधिकारी से पूछा कि सरगी रेत खदान के ठेकेदार जितेन्द्र मंडल पर एफआईआर दर्ज हैं और फरारी काट रहा हैं, तो उस खदान का पिटपास किसे जारी किया जा रहा हैं। इस पर खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा ने बताया कि जिस उस समय ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज नहीं हुआ था, उस समय मंडल ने अपने सहयोगी के नाम से शपथ पत्र दिया था। उस आधार पर पिटपास जारी किया। सदस्य तारिणी चन्द्राकर और सुमन साहू ने कहा कि नारी और चारभाठा में तय मानक से ज्यादा रेत निकाल ली गई है, वहीं गुदगुदा में अवैध रूप से रेत खदान संचालित है। शिकायतों के बाद भी नारी और चारभाठा खदान की सीमांकन नहीं हुई। सदस्यों के इस आरोप को अध्यक्ष ने काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने सीईओ-खनिज अधिकारी को निर्देशित कर तत्काल दोनों खदानों का सीमांकन करने कहा।
जिला पंचायत सदस्यों ने सदन में खनिज विभाग के अधिकारी पर फोन तक नहीं उठाने का आरोप लगाया। अध्यक्ष सहित सदस्यों ने स्कूलों में होने वाले साइकिल वितरण कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को बुलाने की मांग की, इस पर शिक्षा विभाग के अधिकारी ने आगे से इस बात का ध्यान रखने की बात कही।
एक साल का आया गौण खनिज मद
सदस्यों के पूछने पर सदन में खनिज विभाग के अधिकारी ने बताया कि वर्ष-2019-20 का गौण खनिज राशि आई है। इस राशि खदान वाले संबंधित गांवों के विकास के लिए जारी कर दिया गया।
इसके अलावा कृषक मित्रों को अब तक प्रोत्साहन राशि जारी नहीं होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। इसके लिए विभागीय अधिकारी से जवाब-तलब किया, जिस पर विभाग की ओर से उचित कार्रवाई करने की बात कही गई।


