धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 23 दिसंबर। झारखंड के गिरिडीह में स्थित सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनाए जाने की अधिसूचना जारी होने के बाद जैन समाज के लोग सडक़ों पर उतर विरोध-प्रदर्शन करते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
भखारा जैन समाज के भरत नाहर, रोशन पारख, हरख जैन आदि ने अतिरिक्त तहसीलदार भूपेंद्र चंद्राकर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, झारखंड राज्यपाल, मुख्यमंत्री आदि के नाम का ज्ञापन सौंपकर बताया कि जैन समाज के लोग सम्मेद शिखरजी को अपना पवित्र तीर्थ स्थल मानते हैं। लेकिन झारखंड सरकार ने पारसनाथ पर्वत राज मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित करने जा रही है।
उक्त स्थान पर्यटन स्थल घोषित हो गया तो मांस मदिरा की बिक्री होगी, पेड़ों का अवैध कटान, पत्थरों का अवैध खनन होगा. इससे हमारे संतो की मोक्ष स्थान सम्मेद शिखर प्रदूषित हो जाएगा, इसलिए इसमें रोक लगाने सकल जैन समाज विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। झारखंड में स्थित इस पवित्र जगह को बचाने, संरक्षित करने की मांग करते हुए हम विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस मौके पर ललित पारख,ललित नाहटा,मनोज पारख,आशीष नाहटा,अजय जैन,संतोष पारख,सौरभ रायसोनि,आशीष पारख,तोरण नाहटा,इंदर नाहटा,मनीष नाहटा, मदन नाहर,जीतू पारख,धीरज नाहर,पियूष, ओम पारख सहित जैन समाज के लोग उपस्थित थे।


