धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 11 दिसंबर। चक्रवाती तूफान के चलते मौसम में अचानक परिवर्तन हो हो गया है। रविवार की सुबह आसमान छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी होती रही। इसके बाद भी जिले के अधिकांश खरीदी केंद्रों में धान की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। कई केंद्रों में चतुबरा का भी निर्माण नहीं हुआ है। उधर मौसम विभाग ने बारिश की चेतावनी भी जारी किया है। ऐसे में किसानों से खरीदे गए करोड़ों रुपए की धान की सुरक्षा को लेकर समिति प्रबंधको के समक्ष चुनौती खड़ी हो गई है।
धान की सुरक्षा की जिम्मेदारी समिति प्रबंधक और प्रशासन की होती है, लेकिन देखा जा रहा है कि सुरक्षा को सुरक्षित रखने के लिए तीन चार पुराने तिरपाल का ही उपयोग किया जा रहा है। यही वजह है कि तिरपाल कई जगहों से फट गई है। ऐसे में यदि बारिश होती है, तो शासन को लाखों रुपए का नुकसान हो सकता है। सूत्रों की मानें तो पिछले 39 दिनों में समिति व केन्द्रों में 77 हजार 183 किसानों से 24 लाख 78 हजार 603 क्विंटल धान की खरीदी की गई है, जिसकी कुल राशि 507 करोड़ 40 लाख 87 हजार 632 रुपए होती है। खरीदे गए कुल धान में से राइस मिलरों ने 16 लाख 21 हजार 194 क्विंटल धान का परिवहन किया है।
मौसम विभाग ने किया अलर्ट
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि चक्रवाती तूफान के चलते मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है, जिसका असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। उन्होंने चक्रवाती हवाओं के रुख को देखते हुए दो दिन के भीतर रायपुर संभाग, जिसमें धमतरी भी शामिल है। यहां बारिश होने की चेतावनी जारी किया है। ऐसे में केन्द्रों में सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं होने से करोड़ों रुपए का धान बारिश से भीग सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल बारिश से 33 सौ क्विंटल धान खराब हो गया था।
किसानों से वसूला गया लिकिंग में 144 करोड़
खरीफ सीजन में सैकड़ों की संख्या में किसानों ने कृषि साख सहकारी समितियों से कृषि कार्य के लिए करीब 2 सौ करोड़ से अधिक का कर्ज लिया था। समर्थन मूल्य में धान बेचने के बाद शासन ने अब 77 हजार किसानों से लिकिंग में 144 करोड़ 33 लाख 91 हजार रुपए की वसूली की है। वहीं खरीदे गए धान की कीमत भी उनके खाते में ट्रांसफर कर दी गई है।


