दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 21 मई। पुलिस ने लगभग दो साल पुराने गुमशुदगी के मामले को सुलझाते हुए हत्या का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार रामदई कश्यप नाम की महिला लंबे समय से लापता थी। पुलिस ने मामले की नए सिरे से जाँच शुरू की और कॉल डिटेल व ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर सुराग जुटाए।
जाँच में खुलासा हुआ कि रामदई कश्यप के कमली करटम के पति के साथ नजदीकी संबंध थे। इस बात से नाराज होकर कमली करटम ने हत्या की साजिश रची।
साजिश के तहत कमली करटम ने हुंगाराम उर्फ बुटू करटम को पैसे देकर हत्या के लिए तैयार किया। घटना वाली रात लक्ष्मी नाग ने दंतेवाड़ा जाकर रामदई की मौजूदगी की पुष्टि की, जिसके बाद आरोपी हुंगाराम ने घर में घुसकर रामदई की गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी शव को पिकअप में रखकर ग्राम तोयलंका ले गए और गाँव के पीछे नाले के किनारे दफना दिया।
कमली करटम की निशानदेही पर दण्डाधिकारी और फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में खुदाई की गई, जहाँ से प्लास्टिक की बोरी में भरा मानव कंकाल बरामद हुआ।
मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों लक्ष्मी नाग और कमली करटम को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।
यह सफलता पुलिस अनुविभागीय अधिकारी राहुल उईके और निरीक्षक धनंजय सिन्हा के नेतृत्व वाली टीम को तकनीकी जाँच और गहन पूछताछ के कारण मिली है।


