दन्तेवाड़ा

सडक़ों का पूर्ण करें सेफ्टी ऑडिट
16-Feb-2026 10:12 PM
सडक़ों का पूर्ण करें सेफ्टी ऑडिट

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दंतेवाड़ा, 16 फरवरी। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव द्वारा सडक़ सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय में सोमवार को ली गई। इस दौरान जिला स्तरीय राहत एवं पुनर्वास, नए कानूनों के क्रियान्वयन, सडक़ सुरक्षा और एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक का आरंभ राहत एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा के साथ हुआ। कलेक्टर श्री ध्रुव ने नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले नागरिकों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और घायलों को हर संभव मदद देने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल पीडि़त परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति जांची और अधिकारियों को इसे प्राथमिकता देने को कहा। इसके अतिरिक्त, साम्प्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान के तहत छात्रवृत्ति, आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशिक्षण के दौरान स्टायपेण्ड और पीडि़त परिवारों को डिजिटल डेटाबेस को अपडेट करने की प्रगति पर भी चर्चा की गई।

   बैठक में सडक़ सुरक्षा समिति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने को प्राथमिकता दी।

 उन्होंने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को सभी सडक़ों का ‘सेफ्टी ऑडिट’ जल्द पूरा करने और ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने के निर्देश दिए। बैठक में शहर के मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं के नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने, और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग को ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और एंबुलेंस में जीपीएस ट्रैकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। जिससे दुर्घटना पीडि़तों को कैशलेस और त्वरित उपचार मिल सके। शिक्षा विभाग को नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

 नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा की गई। इसमें नशा मुक्ति, पुनर्वास और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की कार्ययोजना पर विचार हुआ। पुलिस और परिवहन विभाग ने भी अपनी कार्रवाई और जागरूकता अभियानों का ब्यौरा पेश किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे और आर के बर्मन प्रमुख रूप से मौजूद थे।


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