दन्तेवाड़ा
रोजगार, खदान और जल-जंगल-जमीन के मुद्दे पर प्रदर्शन तेज—कहीं काली पट्टी, तो कहीं पुतला दहन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बचेली/किरंदुल, 23 अप्रैल। एनएमडीसी के सीएमडी के दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान स्थानीय स्तर पर असंतोष खुलकर सामने आया। दौरे की शुरुआत किरंदुल से हुई, जहां युवाओं और स्थानीय लोगों ने विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अगले दिन 22 अप्रैल को जब सीएमडी बचेली पहुंचे, तो वहां भी माहौल शांत नहीं रहा और प्रदर्शन ने और तीखा रूप ले लिया।
किरंदुल में युवाओं ने परियोजना क्षेत्र के बाहर एकत्र होकर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा’ और ‘स्थानीय हितों को प्राथमिकता’, किरंदुल नगर को धूल मुक्त करने जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया।
उनका कहना था - खदान क्रमांक 13 एवं 4 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। युवाओं ने आरोप लगाया कि विकास और विस्तार की योजनाओं में क्षेत्रीय जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है।
दूसरी ओर, बचेली में विरोध ने अधिक उग्र रूप ले लिया। सीएमडी के आगमन के साथ ही स्थानीय युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं, जबकि नई परियोजनाओं की तैयारी लगातार की जा रही है।
युवाओं ने सवाल उठाया कि जब स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी की स्थिति बनी हुई है, तब नई खदानों का विस्तार किसके हित में किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रण में रखा गया। हालांकि दोनों स्थानों पर हुए विरोध ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्र में रोजगार, पर्यावरण और स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दे अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं।


