दन्तेवाड़ा

समन्वय से करें काम- कलेक्टर
14-Feb-2026 11:25 PM
समन्वय से करें काम- कलेक्टर

दंतेवाड़ा, 14 फरवरी। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य और महिला बाल विकास की संयुक्त बैठक शुक्रवार को ली गई। इस दौरान कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने समन्वित कार्ययोजना के माध्यम से हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर नें कहा कि मैदानी स्तर पर किए गए प्रयास से ही स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में जिले के रैंकिंग में सुधार आएगा। साथ ही विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति संभव हो पाएगी। इसके लिए इन कर्मचारियों की संयुक्त बैठकें, प्रशिक्षण सत्र एवं निरीक्षण एवं निगरानी कार्यक्रम  नियमित रूप से होने चाहिए।

     उक्त बैठक में कलेक्टर के द्वारा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में अधिकारी कर्मचारी की नियमित उपस्थिति हेतु आधार बेस अटेंडेंस अनिवार्य रूप से कराए जाने हेतु कहा गया। उन्होंने मातृत्व स्वास्थ्य के अंतर्गत उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं के निर्धारण के लिए मैदानी स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण दिए जाने, उक्त गर्भवती महिलाओं का अनिवार्य रूप से सोनोग्राफी के साथ-साथ बेहतर रूप से देखभाल करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को आयोजित होने वाले वीएचएसएनडी के बेहतर रूप से क्रियान्वयन हेतु समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास को संयुक्त रूप से निरीक्षण करें। इसके साथ ही उनके द्वारा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों की देखभाल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में छूटे हुए बच्चों के लिए फिर से परीक्षण किए जाने हेतु भी कहा गया।

 मलेरिया उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने चार से अधिक एपीआई  (वार्षिक परजीवी सूचकांक) वाले गांव में फिर से जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए।  इसके अलावा बैठक में जानकारी दी गई कि पोषण पुनर्वास केन्द्र के संबंध में बताया गया बेड ऑक्यूपेंसी रेट दंतेवाड़ा में 137.85, गीदम में 80.04, कुआकोंडा में 80.47, तथा कटेकल्याण में 82.62 है। जिनका उपचार दर क्रमश: 88 प्रतिशत, 77 प्रतिशत, 90 प्रतिशत, 87 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार एनीमिया मुक्त भारत के अंतर्गत अप्रैल से दिसंबर 2025 में 101250 लक्ष्य के विरूद्ध 99642 बालिकाओं को आयरन की नीली गोली प्रदाय किए गए।

 जिसका प्रतिशत 98.41 रहा। इसके साथ ही बैठक में टीकाकरण कार्यक्रम, आयुष्मान, एवं वय वंदन कार्ड पंजीयन, एएनसी माताओं की जांच एवं टीकाकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों  की प्रगति की विस्तर से समीक्षा की गई।

 कलेक्टर ने अंत में सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा स्टॉफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता बनाये रखने तथा गंभीर रोगियों के त्वरित रेफरल हेतु मजबूत व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में  सीईओ जयंत नाहटा, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय रामटेके, वरुण नागेश, सिविल सर्जन अभय तोमर, डीपीएम प्रतीक सोनी और मीडिया समन्वयक अंकित सिंह प्रमुख रूप से मौजूद थे।


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