दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 18 जनवरी। दंतेवाड़ा प्रशासन शासकीय सेवाओं के निगरानी में सफलता हासिल कर रहा है। इसके फलस्वरुप विभिन्न विभागों के कार्य में गुणवत्ता प्रदर्शित हो रही है।
सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और फील्ड निरीक्षण तंत्र को मजबूत बनाने के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल मॉडल लागू किया है। कलेक्टर देवेश ध्रुव के निर्देशन में एवं जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल में आर्टिफि़शियल इंटेलिजेंस और टेलीग्राम बॉट्स का उपयोग कर निरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह स्वचालित और पारदर्शी बनाया गया है। इस तकनीकी हस्तक्षेप ने जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग को सरल बनाया है, जिससे आवश्यक सुधार तेजी से किए जा पा रहे हैं।
जिसके तहत पहले शिक्षा, स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी जैसे बड़े विभागों में सैकड़ों अधिकारियों की फील्ड विजिट की मैनुअल ट्रैकिंग एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया हुआ करती थी। अब इमेज रिकग्निशन तकनीक और स्वचालित डेटा विश्लेषण के माध्यम से यह तुरंत ज्ञात हो जाता है कि कौन अधिकारी वास्तव में फील्ड में जाकर निरीक्षण कर रहा है। साक्ष्य-आधारित निगरानी से अब लापरवाही की पहचान आसान हुई है, जबकि अच्छे कार्य करने वालों को तत्काल सम्मानित करने की प्रणाली विकसित की गई है, जिससे एक सकारात्मक और जिम्मेदार कार्य-संस्कृति स्थापित हो रही है।
यह नया मॉडल कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘नज सिस्टम’ पर आधारित है, जिसके तहत डेली और वीकली स्ट्रीक्स प्रदर्शित होते हैं। जिससे फील्ड स्टाफ में निरंतरता बनाए रखने की प्रवृत्ति बढ़ी है। इस प्रणाली का प्रभाव विशेष रूप से आंगनबाड़ी व्यवस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। दिन भर बॉट द्वारा भेजे जाने वाले रिमाइंडर, गतिविधियों की रिपोर्ट, स्टॉक पोल और अंतिम सारांश रिपोर्ट ने आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी को अत्यंत प्रभावी बना दिया है। स्टॉक कम होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना मिल जाती है और देर शाम तक पूरे जिले की स्थिति का समेकित रिपोर्ट तैयार हो जाती है।


