दन्तेवाड़ा
एफआरए कानून की अनदेखी का आरोप, कलेक्टर से अनुमति निरस्त करने की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बचेली, 16 जनवरी। बड़े बचेली नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत बैलाडीला आयरन ओर डिपॉजिट-4 खनन परियोजना को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस पार्षदों ने नगर पालिका परिषद के विशेष सम्मेलन (15 दिसंबर 2025) में पारित प्रस्ताव क्रमांक-08 का विरोध करते हुए इसे लेकर आपत्ति दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त विशेष सम्मेलन में एनएमडीसी लिमिटेड की बैलाडीला डिपॉजिट-4 खनन परियोजना के लिए 570.100 हेक्टेयर वन भूमि पर खनन पट्टा अधिकार दिए जाने के संबंध में नगर पालिका परिषद की सहमति प्रदान की गई थी। यह भूमि आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1826, 1832, 1833, 1834, 1841, 1842, 1885 एवं 1886 में स्थित बताई गई है।
कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया है कि प्रस्ताव पारित करते समय अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 (एफआरए) के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।
कांग्रेस की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बड़े बचेली को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वार्ड क्रमांक-18 नेहरू वार्ड में लगभग 50 वर्षों से अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के लोग निवास कर रहे हैं, जिनका जीवन-यापन वन आधारित संसाधनों पर निर्भर है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा कलेक्टर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित वन भूमि क्षेत्र में किसी भी अनुसूचित जनजाति या अन्य परंपरागत वन निवासी द्वारा कृषि, आवास या अन्य पारंपरिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा रही हैं। इसी आधार पर नगर पालिका परिषद द्वारा सर्वसम्मति से सहमति प्रदान किए जाने का उल्लेख किया गया है।
विरोध और मांग
कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि परिषद की बैठक में उन्होंने प्रस्ताव क्रमांक-08 का विरोध किया था और इसे समर्थन नहीं दिया। इसके बावजूद सहमति दर्ज किया जाना उचित नहीं है। कांग्रेस पार्षदों ने मांग की है कि प्रस्ताव क्रमांक-08 के तहत दी गई सहमति को निरस्त किया जाए तथा स्थानीय निवासियों के अधिकारों के संबंध में पुन: जांच कराई जाए।
इस विषय को लेकर अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।


