दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 16 दिसंबर। जिला प्रशासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक सोमवार को ली गई। बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि महिला और बच्चों के सुपोषण हितों से जुड़ी हुई योजना है। इसलिए इनमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंगनबाडिय़ों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं कुपोषण मुक्त ग्राम एवं कुपोषण मुक्त आंगनवाड़ी केंद्रों को आंगनवाड़ी के विकास हेतु 5 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के भवन की स्थिति की जानकारी परियोजना स्तर पर संकलित की जाए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि भवन स्वीकृत है, निर्मित है अथवा निर्माणाधीन है तथा केंद्र में किन-किन समस्याओं का सामना किया जा रहा है। उन्होंने सरपंचों के साथ समन्वय कर आंगनबाड़ी केंद्रों की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश भी दिए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के मरम्मत एवं नवीन भवनों की आवश्यकता संबंधी सूची एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि जिले में 821 पूर्ण आंगनबाड़ी भवन हैं, इसके अंतर्गत 356 सक्षम आंगनबाड़ी है। इस संबंध में कलेक्टर का कहना था कि अन्य आंगनबाडिय़ों को भी सक्षम के अंतर्गत लाने के लिए इसकी विस्तृत सूची तैयार कर प्रस्तुत करें। इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सभी नियुक्तियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाएं, ताकि सेवाओं के संचालन में कोई बाधा न आए।
कलेक्टर ने पोषण ट्रैकर के संबंध में कहा कि प्रत्येक माह हर आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यक्रम आयोजित कर हितग्राहियों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दें। उन्होंने एफआरएस में शेष हितग्राहियों की सूची बनाकर उनका नियमित ट्रैक रखने, सभी पात्र हितग्राहियों तक समय पर पोषण सामग्री का वितरण करने तथा पोषण ट्रैकर में समयबद्ध और शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सहित अन्य योजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि विभागीय योजनाएं तभी सफल होंगी जब जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी तत्परता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर पात्र महिला और बच्चे तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश और परियोजना अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद थे।


