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पंचशील आश्रम में कोरोना ब्लास्ट, 22 युवतियां पॉजिटिव, होमआइसोलेशन में
28-May-2021 10:07 PM (146)

बीजापुर, 28 मई। भैरमगढ़ ब्लॉक के कुटरू गांव में संचालित पंचशील आश्रम में एक दिन में कोरोना के 22 पॉजिटिव केस पाए गए हैं। कोरोना के इतने मामले को देख प्रशासन भी अलर्ट हो गया हैं। शुक्रवार को कुटरू स्थित पंचशील आश्रम में एक साथ 22 युवतियां कोरोना पॉजिटिव आई हैं। आज इन सभी एंटीजेन टेस्ट किया गया था,  जिसमें ये सभी पॉजिटिव आई हैं। सभी संक्रमित पाई गई युवतियों को होमआइसोलेशनमें रख इलाज किया जा रहा हैं। बीजापुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी ने बताया कि सभी का होमआइसोलेशन में उपचार चल रहा हैं। ज्यादा गंभीर वालों को कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।

जारपल्ली में मिले दर्जनभर से ज्यादा संक्रमित, एपी स्ट्रेन की आशंका..?
28-May-2021 8:50 PM (105)

सभी तेलंगाना से लौटे हैं, सीमा पर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 28 मई।
तेलंगाना से सटे छत्तीसगढ़ के जारपल्ली में मिले दर्जनभर से ज्यादा कोरोना संक्रमितों ने स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। एपी स्ट्रेन एन-440 के कोविड वैरिएंट को लेकर बॉर्डर इलाकों में अलर्ट जारी है। 

ज्ञात हो कि बीते दो दिनों में इंटरस्टेट कॉरिडोर पामेड़ से लगे जारपल्ली में 21 कोरोना के नए संक्रमित मिले हैं। एपी स्ट्रेन की आशंका के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने शुरुआती लक्षणों को सामान्य बताया है। लेकिन संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने पर पता लगा कि सभी तेलांगाना से लौटे हैं। ऐसे में प्रशासन भी अब इस इलाके में टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान दे रहा है।

नक्सली पैठ प्रशासन के लिए चुनौती 
चूँकि पूरा बस्तर क्षेत्र नक्सलियों के प्रभाव वाला माना जाता है। जिसमें दक्षिण बस्तर के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर ऐसे जिले हैं, जो सीधे तेलांगाना या आंध्रप्रदेश से जुड़े हैं। यहां एपी एन-404के कोविड वैरिएंट के आने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। नक्सलियों की इस पूरे इलाके में मजबूत पैठ और पकड़ है, जिस वजह से इस बीहड़ इलाके में कोविड टीकाकरण भी बहुत कम हो पाता है। नक्सलियों की दहशत मेडिकल टीम को जंगलों में जाने से रोकती है। बस्तर के कई नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण कराने से मना करने की खबरें भी निकलकर सामने आई हैं। वहीं बीते दिनों कमकानार में कुछ महिला स्वास्थ्यकर्मियों के अपहरण की खबर के बाद हालात काफी बदले हैं।

आखिर क्यों जाते लोग हैं बस्तर से तेलांगाना-आंध्र
 दशकों से बस्तर के वनवासी जंगलों और नदियों से अपना भरण पोषण करता रहा है। फरवरी के शुरुआत से लेकर जून की पहली बारिश के दौरान दक्षिण बस्तर से जाने का दौर शुरू हो जाता है। सीधे सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमाओं से तेलांगाना के खम्मम, भूपालपल्ली और मुलगु जिलों में मजदूर जंगलों के रास्ते मजदूरी करने जाते हैं। जिसमें एक बड़ा कारण बस्तर में रोजगार की कमी और मनरेगा योजना में जमकर भ्रष्टाचार है। नक्सली दहशत का हवाला देकर मनरेगा में जमकर मशीनों का इस्तेमाल होता रहा है। सरकार और प्रशासन सब जानकर भी आंखे मूंद लेते हैं। जिसकी वजह दो दशकों से भी ज्यादा समय से साल दर साल पलायन के आंकड़ों में हिजाफ़ा होता रहा है।

इंटरस्टेट कॉरीडोर में लोगों ने बनाई बैरिकेड
 तेलांगाना से 10 किमी की दूरी पर पामेड़ मौजूद है। समूचे छत्तीसगढ़ को सीधे तेलांगाना से जोडऩे वाला और सघन माओवादग्रस्त इलाका है पामेड़। बीजापुर मुख्यालय से बासागुड़ा होते ये रास्ता सारकेगुड़ा, तर्रेम होते धर्माराम और फिर पामेड़ को जोड़ता है। पामेड़ के रास्ते पलायन से लौटने वाले मजदूर बस्तर की सीमाओं में दंतेवाड़ा या बीजापुर प्रवेश करते हैं। एहतियातन पामेड़ में लोगों ने पुलिस की मदद से कंसर्टिना वायर से बैरिकेड बना दी है। ताकि अवांछित लोगों को कोरोना टेस्ट के बाद ही प्रवेश दिया जाये।

बीजापुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी ने बताया कि एपी स्ट्रेन एन-440 के खतरनाक वैरियंट है। पामेड़ में हमारी टीम टेस्टिंग कर रही है। तेलांगाना से लौटने वालों का टेस्टिंग और ट्रेवल हिस्ट्री खंगाला जा रहा हैं। अभी लक्षण सामान्य हैं। बाकी आंध्रप्रदेश स्ट्रेन के प्रति टीमो को अलर्ट पर रखा गया है। जारपल्ली में जो 21 लोग  कोरोना पॉजिटिव आये है। उनमें  अभी तक एपी स्ट्रेन के लक्षणों की कोई पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन एहतियात बरती जा रही है।
 

बीजापुर के नक्सली नेता की तेलंगाना में कोरोना-मौत, शव परिजनों को सौंपने पुलिस कर रही प्रयास
28-May-2021 4:51 PM (90)

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर
, 28 मई। बीते दिनों तेलांगाना के कोत्तागुड़म में बीजापुर के गोरना मनकेली निवासी एक नक्सली नेता की कोरोना से मौत हो गई। उसके शव को सौंपने पुलिस परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का टेक्निकल टीम प्रभारी नक्सली नेता गंगा उर्फ आयता कोरसा निवासी गोरना मनकेली जिला बीजापुर की मौत बीते दिनों कोरोना संक्रमण से हो गई है। बताया गया है कि तेलंगाना के कोत्तागुड़म में गंगा इलाज करा रहा था। गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी पुष्टि तेलंगाना पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ व तेलांगाना सीमा पर पकड़े गए तीन नक्सलियों से पूछताछ में हुई।

ज्ञात हो कि नक्सली गंगा पिछले 18 सालों से नक्सल संगठन में रहा। वर्ष 2003 से 2007 तक पश्चिम बस्तर डिवीजन, वर्ष 2007 से 2012 तक पीएलजीए बटालियन नंबर 1 में वर्ष 2012 से 2014 तक पीएलजीए प्लाटून नंबर 10 का कमांडर वर्ष 2014 से 2018 तक पीएलजीए प्लाटून नंबर 30 के कमांडर के पद पर दक्षिण बस्तर इलाके में सक्रिय रहा। वर्ष 2018 से लेकर अब तक दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का टेक्निकल टीम प्रभारी रहा। इस पर सुकमा व बीजापुर में 14 से अधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं।

दवा दुकानदारों ने की फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा देने की मांग
26-May-2021 9:11 PM (166)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 26 मई। दक्षिण बस्तर के दवा विक्रेताओं ने सरकार से उन्हें फं्रटलाइन वर्कर का दर्जा दिए जाने की मांग करते कहा है कि ऐसा नहीं करने पर वे दुकान बंद कर देंगे।

सुकमा, दंतेवाड़ा एवं बीजापुर के दवा विक्र्र्रेता संघ के अध्यक्ष विनोद मिश्रा, सचिव गोपाल मण्डल एवं कोषाध्यक्ष एएच सिद्दिकी ने कहा है कि उनका संघ अपने सदस्यों के हितों के संरक्षण में लॉकडाउन में शामिल होने  पर विचार कर रहा है। भारत के नौ लाख चालीस हजार ड्रगिस्ट खतरों के बीच मानवता की मिसाल पेश करते लगातार मरीजों को दवा उपलब्ध करवा रहे हैं। दवा विक्रेताओं की भूमिका वकील, पत्रकार, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ एवं सफाई कर्मी से कमतर नहीं है। कई बार आग्रह के बावजूद ना तो ड्रगिस्ट को कोरोना वॉरियर्स घोषित किया गया और ना ही वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी गई। पिछले साल देश में 650 केमिस्ट कोरोना से मारे गए।

उनका कहना है कि हम दवा बेचते हैं लेकिन वे ही अपने परिवार को रेमडेसिविर और टोसीजुमेव उपलब्ध नहीं करा सकते हैं। इससे ज्यादा दु:खद क्या हो सकता है। इससे केमिस्टों के कई परिजन दवा के अभाव में मारे गए। एसोसिएशन ने दवा विक्रेताओं को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा दिए जाने एवं वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने की सूरत में वे भी दुकान बंद कर देंगे। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजनेशन ऑफ केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएसशन के निर्देष पर दक्षिण बस्तर के दवा विक्रेताओं ने ये निर्णय लिया है।

झीरम घाटी के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
26-May-2021 7:33 PM (200)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 26 मई ।
आठ वर्ष पहले 25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी नक्सली हमले में शहीद हुए वरिष्ठ नेताओं और जवानों को मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल सहित प्रदेश के मंत्रिमंडल के सदस्यों सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। वहीं शहीद हुए नेताओं और जवानों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की गयी। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित वर्चुअल शोक कार्यक्रम में विधायक मोहन मरकाम एवं  बृहस्पति सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय विनोद वर्मा और  राजेश तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू उपस्थित थे।

बीजापुर जिले में विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से विधायक एवं उपाध्यक्ष बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण विक्रम मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष  शंकर कुडिय़म, जिला पंचायत सदस्य एवं बस्तर विकास प्राधिकरण सदस्य नीना रावतिया उद्दे तथा अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप एवं सीईओ जिला पंचायत रवि कुमार साहू ने शहीद नेताओं एवं जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट का मौन धारण कर झीरम घाटी घटना के शहीदों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की गई।
 

अफसरों ने बासागुड़ा पहुंचकर सिलगेर के ग्रामीणों से की चर्चा, शांति बनाये रखने की अपील
23-May-2021 9:02 PM (113)

   प्रतिनिधियों ने मांगों का ज्ञापन कमिश्नर को सौंपा    

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 23 मई। बस्तर कमिश्नर और आईजी सहित बीजापुर कलेक्टर तथा सुकमा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने आज बासागुड़ा में सिलगेर इलाके के ग्रामीणों के 40 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से भेंटकर विचार-विमर्श करने सहित क्षेत्र में शांति बनाये रखने की अपील की। इस दौरान बीजापुर जिले के सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस मौके पर सिलगेर ईलाके के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन कमिश्नर बस्तर को सौंपा, जिस पर विचार कर निराकरण करने आश्वस्त दिया गया। 

 कमिश्नर बस्तर जीआर चुरेन्द्र ने कहा कि विकास के मामले में सिलगेर ईलाका पिछड़ा हुआ है, इसे ध्यान रखते हुए क्षेत्र के विकास में सहभागी बनें। क्षेत्र का विकास शांति स्थापना से ही संभव है। शासन-प्रशासन क्षेत्र के गांवों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता के लिए हरसंभव पहल कर रही है। वनाधिकार पट्टा देने सहित तालाब, डबरी निर्माण और खेती-किसानी के लिए सहायता मुहैय्या करायी जायेगी। उन्होने क्षेत्र के ग्रामीणों की मांगों के निराकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ प्रयास करने हेतु बल देते हुए कैम्प के जमीन संबंधी रिकार्ड का परीक्षण कराये जाने ग्रामीणों को आश्वस्त किया।

 आईजी पी. सुंदरराज ने ग्रामीणों के प्रतिनिधियों से गुजारिश करते हुए कहा कि आंधी-बारिश की संभावना तथा कोविड संक्रमण के मद्देनजर ग्रामीण अब अपने घर लौट जायें। आंधी-बारिश से बीमार होने तथा कोविड संक्रमण होने की संभावना हो सकती है। इसलिए सिलगेर में एकत्रित न रहें और अपनी बातों को शांतिपूर्वक अवगत करायें। शासन-प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर विचार करेगी।

  कलेक्टर बीजापुर रितेश कुमार अग्रवाल ने ग्रामीणों से बातचीत के लिए एक कदम आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि संवाद से ही समस्या का समाधान होगा और क्षेत्र में शांति स्थापित होने के साथ विकास को बढ़ावा मिलेगा। अभी कोविड संक्रमण से पूरा देश-दुनिया ग्रसित है, ऐसे समय में सतर्कता बरतना जरूरी है। जल्दी ही खेती-किसानी का कार्य भी शुरू होगा, इसे ध्यान रखकर ग्रामीण अपने गांव लौट जायें। उन्होंने कोविड से बचाव के लिए युवाओं को आगे आकर ग्रामीणों को प्रेरित करने कहा। वहीं ग्रामीणों को क्षेत्र में शांति बनाये रखने सहित लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्वक बात रखने की समझाईश देने कहा। उन्होंने घायल लोगों के बारे में जानकारी ली और उनके उपचार के लिए चिकित्सा दल भेजने की बात कही।

 कलेक्टर सुकमा विनीत नंदनवार ने बताया कि घटना के दण्डाधिकारी जांच के आदेश दिये गये हैं। ग्रामीण जो अपना बयान दर्ज करवाना या पक्ष रखना चाहते हैं, वे सम्बन्धित दण्डाधिकारी को अवगत करवा सकते हैं। ऐसे ग्रामीणों के आने-जाने की पूरी व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कोविड के मद्देनजर ग्रामीणों को घर लौट जाने का आग्रह करते हुए कहा कि अनावश्यक भीड़ नहीं करें। स्वयं के बचाव सहित अपने घर-परिवार के लोगों और समाज के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए यह जरूरी है।

इस दिशा में अपने गांव के लोगों को अवगत करायें प्रशासन के साथ संवाद की जानकारी देवें।

उन्होंने क्षेत्र के विकास हेतु स्वीकृत कार्यों के बारे में अवगत कराया और जरूरत के अनुरूप हेंडपम्प सोलर ड्यूल पम्प स्थापना सहित अन्य कार्यों को सुनिश्चित करने आश्वस्त किया। इस दौरान सिलगेर ईलाके के ग्रामीणों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखें। बीजापुर जिले के सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव दिये।

रेत लेने गए वाहन को नक्सलियों ने जलाया
23-May-2021 9:01 PM (173)

बीजापुर, 23 मई। यहां से करीब 15 किलोमीटर दूर चेरकंटी नाला में रेत भर रहे एक वाहन को नक्सलियों ने आग लगा दी।  जानकारी के मुताबिक बीजापुर थाना क्षेत्र के चेरपाल व पदेड़ा के बीच स्थित चेरकंटी नाला से मकान निर्माण के लिए रेत भर कर ले जा रहे एक 709 वाहन को नक्सलियों ने आग लगा दी। घटना के बाद नक्सली वहां से चले गए। बताया गया है कि रविवार दोपहर करीब एक बजे के दरमियान नक्सलियों ने उक्त घटना को अंजाम दिया है।

टूलकिट से भाजपा के फर्जीवाड़ा का हुआ खुलासा-कुमार
21-May-2021 7:08 PM (115)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 21 मई।
केंद्र की मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से सत्ता की लालसा में भाजपा फर्जी टूलकिट के जरिए देश और कांग्रेस पार्टी को एक साजिश के तहत बदनाम करने का घृणित काम कर रही है। भाजपा फर्जी टूल किट को अपने कार्यकर्ताओं को भेज कर हिंदुस्तान को समूची दुनिया में बदनाम करने व देश की छवि को खराब करने का षडय़ंत्र रच रही है। 
यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ज्योति कुमार ने  विज्ञप्ति जारी कर कही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस समय देश व प्रदेश कोविड-19 के संकट से निपटने की पूरी कोशिश कर रहा है। वहीं भाजपा के तमाम नेता चाहे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हो या पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह हो या पूर्व मंत्री केदार कश्यप एवं महेश गागड़ा हो, अपना इतिहास दोहराते हुए भारत के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहे है। और देश के मूल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने भाजपा फज़ऱ्ी टूल किट का प्रचार करने में लगी है। 

हालिया समय में भाजपा और उनके तमाम नेताओं ने सोशल मीडिया में देश के खिलाफ जितना दुष्प्रचार किया है। वह सब फर्जी टूल किट दस्तावेज का मूल हिस्सा है। 
श्री कुमार ने कहा कि यह हमेशा देखा गया है कि जब भाजपा सत्ता में हो या फिर न हो वह ऐसी हरकतें करती रहती है जिसे देश विरोधी कहा जा सकता है। भाजपा की ऐसी देश विरोधी साजिश की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा का फर्जी टूल किट का सच अब मीडिया जगत में भी उजागर हो चुका है। भाजपा मीडिया में बने रहने के लिए देश व  कांग्रेस पार्टी के खिलाफ फर्जी टूलकिट का इस्तेमाल कर रही है।जिसे देश की जनता समझ चुकी है। अब देश की जनता भाजपा के झूठ और जुमलों से पूरी तरह ऊब चुकी है। 
डीएपी खाद के मूल्य को वापस लेना संघर्ष का परिणाम
देश व प्रदेश का प्रत्येक किसान कांग्रेस पार्टी, देश के नेता राहुल गांधी, प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल एवं पीसीसी प्रमुख मोहन मरकाम को धन्यवाद ज्ञापित कर रहा हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ज्योति कुमार का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की अगुवाई में देश व प्रदेश के करोड़ों किसान और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डीएपी खाद की बढ़ी हुई क़ीमतों को वापस लेने लगातार संघर्ष कर रहे थे। राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के निर्देशन व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आक्रामक विरोध और संघर्ष किया।जिसका परिणाम यह हुआ कि केंद्र की मोदी सरकार को डीएपी खाद के बढ़े हुए क़ीमतों को वापस लेना पड़ा।
 

लॉकडाउन का उल्लंघन, 3 दुकानें 7 दिनों के लिए सील
20-May-2021 8:50 PM (93)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 20 मई। लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के चलते गुरुवार को नगर के 3 दुकानों को 7 दिनों के लिए सील कर दिया गया।

ज्ञात हो कि लॉकडाउन को लेकर दिनों प्रशासन सख्त हैं। इसी के चलते गुरुवार को लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने पर नगर की तीन दुकानों को सील किया गया है। इस बारे में सीएमओ पवन मेरिया ने बताया कि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रितेश कुमार अग्रवाल द्वारा 15 मई को जारी आदेश के तहत शर्तों के अधीन आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं के दुकानों के खुलने हेतु दिन निर्धारित किया गया है। जिसके तहत किराना, ऑटो पार्टस एवं मेकेनिक दुकान हेतु सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार का दिन निर्धारित है। लेकिन 20 मई गुरूवार को जायसवाल किराना स्टोर्स, आयुष प्रोव्हीजन स्टोर्स एवं चांडक किराना स्टोर्स के दुकान संचालकों द्वारा दुकान खोलकर सामान विक्रय किया जा रहा था। इस दौरान राजस्व, पुलिस एवं नगर पालिका के अमले द्वारा उक्त दुकानों में जाकर सभी 3 दुकानों को 7 दिवस के लिए सील कर दिया गया। वहीं इन दुकान संचालकों को भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने की चेतावनी भी दी गयी हैं।

सिलगेर मामले की हो उच्च स्तरीय जांच-गागड़ा
19-May-2021 9:33 PM (102)

  लखमा और मण्डावी की चुप्पी पर उठाए सवाल   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 19 मई। पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने सिलगेर मामले  को लेकर आदिवासियों के खिलाफ   साजिश की बात कहते सवाल किया है कि इस मसले पर आबकारी मंत्री कोण्टा विधायक कवासी लखमा एवं बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व स्थानीय विधायक विक्रम शाह मण्डावी की चुप क्यों हैं?

पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास राव मुदलियार ने यहां पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते कहा कि जब पांच दिनों से सुकमा जिले के सिलगेर गांव में सुरक्षाबलों के कैम्प खोले जाने का लोग विरोध कर रहे थे तब न तो कोण्टा विधायक कवासी लखमा वहां पहुंचे और न ही बीजापुर विधायक विक्रम मण्डावी। नैतिकता के आधार पर दोनों कांग्रेसी नेताओं को इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा नेता द्वय ने कहा कि विरोध को दबाने के कई तरीके हो सकते हैं। इसका हल हिंसा ही नहीं है। बातचीत और समझाईश से हल निकाला जा सकता था लेकिन कांग्रेस नेता यहां नहीं पहुंचे। इससे ऐसी स्थिति निर्मित हुई। प्रदेश के सीएम और गृहमंत्री ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इससे आदिवासियों के खिलाफ किसी गहरी साजिश की आशंका है।

श्री गागड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने मेनीफेस्टो में निर्दोष आदिवासियों की जेलों से रिहाई की बात कही थी लेकिन ये वादा खोखला निकला। उलट, अब तो आदिवासी मारे जा रहे हैं। इनकी कोई सुनवाई नहीं है। सिलगेर घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते भाजपा नेताओं ने कहा कि अब आईजी पी. सुंदरराज सिलगेर में पहले नक्सलियों की ओर से गोलीबारी का आरोप लगा रहे हैं जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वहां कोई नक्सली नहीं था।

उच्चस्तरीय जांच हो

 इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। मारे गए लोगों के परिवारों को एक-एक करोड़ रूपए के मुआवजे की मांग करते महेश गागड़ा ने बताया कि वे भी मौके पर जाना चाहते थे लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें जाने से मना कर दिया गया।  पार्टी के कुछ स्थानीय लोगों ने गांव जाकर पीडि़त परिवारों से मुलाकात की और उनकी आपबीती सुनी। सबसे बड़ी बात तो ये है कि पंचायत में कोई भी काम होने से पहले ग्राम सभा होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ग्रामीणों को विष्वास में नहीं लिया गया। इस वजह से भी ग्रामीण नाराज हैं।

सरपंच पति ने एसडीओपी पर लगाया मारपीट का आरोप
15-May-2021 7:10 PM (129)

दर्जनभर ग्रामीणों ने विधायक से की शिकायत, सौंपा ज्ञापन 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 15 मई।
ग्राम पंचायत पेटा की सरपंच के पति ने कुटरू एसडीओपी पर नक्सल उन्मूलन के नाम पर मारपीट व गाली गलौच करने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत सरपंच के पति व दर्जनभर ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक से करते हुए ज्ञापन सौंपा हैं। 

कुटरू में पदस्थ एसडीओपी शेर बहादुर सिंह ठाकुर पर ग्राम पंचायत पेटा की सरपंच के पति बुधराम तेलम ने मारपीट व गाली गलौच करने का आरोप लगाया है। शनिवार को सरपंच पति बुधराम तेलम सहित दर्जन भर ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से मिलकर इस बात की शिकायत की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा हैं। 

सौंपे गए ज्ञापन में सरपंच पति बुधराम तेलम ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे कुटरू एसडीओपी पुलिस की दो गाड़ी में कुटरू स्थित उनके घर पहुंचे और बेवजह उनसे गाली गलौच कर लात घूंसों व डंडों से मारपीट करने लगे। इतना ही नहीं एसडीओपी ने उन्हें नक्सली कहकर नेताओं के साथ घूमने की बात भी कही है। 

वहीं सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि इससे पूर्व भी एसडीओपी के द्वारा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों को गाली-गलौच कर दहशत फैलाई गई है। सरपंच पति के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग विधायक से की है। इधर इस मामले को लेकर विधायक ने पुलिस के अधिकारियों से फोन पर बात कर एसडीओपी पर कार्रवाई की मांग की है। 

दूसरी ओर ग्राम पंचायत पेटा की सरपंच के पति बुधराम तेलम के आरोप पर कुटरू एसडीओपी शेर बहादुर सिंह ठाकुर का कहना है कि मारपीट व गाली गलौच का आरोप उन पर बेवजह लगाया जा रहा है। दरअसल पीएमजीएसवाय के काम में लगे मजदूरों को सरपंच के पति बुधराम डरा धमका रहा था और काम किससे पूछकर करने को कहे रहा था। जिसे मैंने शासन-प्रशासन का काम होने की बात कहकर उसे कड़े शब्दों में समझाया बस है, मारपीट जैसी कोई बात नहीं हैं।  

फ्रंटलाइन वर्कर्स को शीतल पेय व नाश्ता
11-May-2021 10:00 PM (221)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 11 मई।
ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से जिलाध्यक्ष मो अय्यूब खान की अगुवाई में भीषण गर्मी में सेवा दे रहे पुलिस कर्मियों को शीतल पेय एवं नाश्ता दिया गया। इस दौरान फाउण्डेशन के शमीम खान, मतीन खान, एवं अन्य सदस्य मौजूद थे। तपती गर्मी में सेवा दे रहे पुलिस कर्मियों ने संगठन का आभार माना। फाउण्डेशन की ओर से दोपहर बारह बजे से विभिन्न चौक चौराहों में जाकर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से मुलाकात की और उनके कार्यों को सराहा। 
 

साल भर से बोर खराब, दूषित पानी पीने मजबूर
11-May-2021 9:57 PM (99)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भोपालपटनम, 11 मई।
बीजापुर जिले के उसूर  ब्लॉक के ग्राम पंचायत मल्लमपेटा जो कि ताल पेरू नदी किनारे बसा हुआ है। यह सुदूर ग्राम पंचायत विकास के नाम पर कोसों दूर है।  ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पीने की नसीब भी नहीं है। इस ग्राम पंचायत के कोततपेटा पारा  में पीने के पानी के लिए 1 बोर पहले से ही बना हुआ था परंतु वह खराब पड़ा हुआ है।  

ग्रामीणों ने बताया कि बोर से पानी तो निकला है परंतु उस बोर में हैंडपंप नहीं लगाया गया और बोर को यथावत छोड़ दिया गया  है।  प्लेटफार्म नहीं होने के कारण दूषित पानी व कुछ शरारती तत्वों के द्वारा विषैले पदार्थों को मिलाने की संभावना भी रहती है जिसकी खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। 

ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई हैंडपंप सालों से खराब पड़े हैं जिसकी शिकायत करने पर भी आज तक मरम्मत करने वाले दाता नहीं हैं जिससे ग्रामीण नदी-नाला के दूषित पानी पीने को ग्रामीण मजबूर हैं। 

राहुल नाग एसडीओ पीएचई से दूरभाष से जानकारी लेने पर बताया कि दोनों ब्लॉक के लिए एक ही गाड़ी है और सभी सरपंच बीजापुर व ब्लॉक मुख्यालय में रहते हैं जिससे हमें जानकारी नहीं मिलती है। दोनों ब्लॉकों के लिए एक ही गाड़ी है। पाईप भी एक सप्ताह पहले ही आया है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बोर जनपद पंचायत के माध्यम से हुआ है तो जनपद ही लगाएगा। टूटे हुए प्लेटफार्म का मरम्मत के लिए टेंडर होने वाला है। जल्दी ही हमारी टीम पामेड़ एरिया जा रही है, ेक्नीशियन की भी कमी है।
 

क्या रेड कॉरिडोर से होकर आएगा कोरोना का आन्ध्र स्ट्रेन?
11-May-2021 9:46 PM (95)

सरहदों में चौकसी के साथ महकमा अलर्ट, जांच के बाद ही प्रवेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 11 मई।
छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक नक्सल प्रभाव वाला इलाका बस्तर इन दिनों दहशत के साये में हैं,ये दहशत किसी माओवादी वारदात की वजह से नहीं बल्कि बस्तर में इस दहशत की वजह एक वायरस है। जो बस्तर के नक्सली इलाकों में चोरी छुपे आने की तैयारी में है। कुछ लोग जो नक्सली दहशत वाले इलाकों से सफर करके आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से बस्तर में आ रहे हैं उनके साथ बस्तर में आन्ध्र स्ट्रेन आने का डर बना हुआ है। नक्सलियों के मांद से होते अगर कोरोना का आन्ध्र स्ट्रेन यहां पहुंचा तो बस्तर के वनवासी क्षेत्रों में तबाही ला सकता है।

दरअसल जिस महामारी को लेकर पूरा विश्व डरा सहमा हुआ है। कहीं वो महामारी बस्तर के इन बीहड़ो में बसे आदिवासियों के लिए काल न बन जाये। इंटर स्टेट कॉरिडोर पामेड़ और कोत्तापल्ली नक्सली मांद और पकड़ वाला क्षेत्र है। यह ऐसा इलाका है जहां नक्सलियों के बड़े लीडर रमन्ना और किशन के स्मारक सहित दर्जनों नक्सली लीडरों के स्मारक मौजूद हैं। इन सडक़ों से लोग बस्तर की सीमा में देर रात बिना कोरोना जांच के पहुंच रहे हैं। अर्धसैनिक बल और स्वास्थ्य विभाग की मजबूरी है कि इन रेड कॉरिडोर में आसानी से नहीं पहुंच सकती, क्योंकि इन इलाकों में जगह-जगह आईईडी और स्पाइक होल प्लांट होती है, जिसमें पैर पडऩे का मतलब मौत है। 

इधर आंध्र स्ट्रेन की सुगबुगाहट के बाद बस्तर के सरहदी इलाकों को सील कर दिया गया है। तेलांगाना और महाराष्ट्र से आने वाले सभी लोगों का एंटीजन और आरटीपीसीआर टेस्ट के बाद ही सीमा में प्रवेश दिया जा रहा है।

ज्ञात हो कि बस्तर के अतिनक्सल प्रभावित जिला बीजापुर में आंध्र म्यूटेंट आने का सबसे आसान और खतरनाक जंगली रास्ता  पामेड़ और कोत्तापल्ली हैं। ये दो ऐसी सडक़ें हैं जहां से देर रात बस्तर की सरहद में प्रवेश आसान है। वहीं अर्धसैनिक बलों और प्रशासन के लिए चुनौती भी यही सडक़ें हैं। क्योंकि इन सरहदी इलाकों में माओवाद की अच्छी खासी पकड़ है। ये माओवादियों के आधार वाला इलाका है। इन इलाकों में माओवादियों के टॉप लीडर रहे रमन्ना और किशनजी के साथ दर्जनों स्मारक मौजूद हैं। साथ ही पुलिस को टारगेट करने चप्पे चप्पे पर माओवादी यहां आईईडी और स्पाइक होल प्लांट करते हैं। जिसकी वजह से ये इलाका जानलेवा हो जाता है। 

वहीं दूसरी ओर माओवादियों के कोरोना से पीडि़त होने के दावों की माने तो ये पूरा इलाका तेलंगाना से लौटते मजदूरों की पनाह और रहवासी इलाका है। यहां ये अटकलें जरूर लगाई जा रही हैं कि माओवादी इन्हीं किसी आंध्र म्यूटेंट की संपर्क में आये होंगे। बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल और सीएमएचओ डॉ. बीआर पुजारी भी मानते हैं कि बीजापुर से तेलंगना को जोडऩे वाली यह दो सडक़ो पर परेशानी तो है। माओवादग्रस्त इन इलाकों में वैक्सीनेशन और कोविड जांच के लिए इन जंगली, स्पाइक होल और आईईडी प्लांटेड इलाकों में जाना खतरनाक है।

इधर बताया जा रहा है कि बस्तर की धरती पर तांडव मचाने वाले नक्सली भी अब कोरोना के दहशत में हैं। पुलिस के आला अफसरों की माने तो नक्सली कोरोना के आंध्रप्रदेश के एपी एन440 के और महाराष्ट्र के म्यूटेंट से मर रहे हैं। नक्सलियों के डीकेएसजेडसी यानी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की सदस्य सुजाता कोरोना से पीडि़त बताई जा रही है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई हैं। इसके अलावा दरभा डीवीसी जयलाल और गंगालूर एरिया कमेटी सचिव दिनेश के कई नक्सली कोरोना और फूड पॉइजनिंग की जद में हैं।

बिना जांच प्रवेश वर्जित -कलेक्टर
इस मामले को लेकर बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने बताया कि पामेड़ में थाना है। वहां नाकेबंदी की हुई हैं। वहीं पुजारी कांकेर से गलगम में कैम्प हैं। उन्हें निर्देश दिए गए है कि कोई भी बिना जांच के अंदर प्रवेश न कर सके।  कलेक्टर अग्रवाल ने बताया कि इसके अलावा अतिसंवेदनशील क्षेत्रों के ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे है। साथ बाहर से आने वालों का टेस्टिंग के बाद गांव में आने दिया जा रहा है। 

नक्सली कोरोना व फूड पॉजिनिंग के शिकार - एसपी
दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि उन्हें विशेष सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि बड़े नक्सली  फूड पॉजिनिंग व कोरोना के शिकार हुए हैं। इसमें डीकेएसजेडसी की सदस्य 25 लाख रुपये की इनामी सुजाता शामिल हैं। वह कोरोना से ग्रसित है। एसपी पल्लव के मुताबिक नक्सली सुजाता के सीने में पानी भर जाने से उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है। एसपी ने बताया कि सप्लाई लाइन जाम हो जाने से पुराने व खराब पदार्थो के सेवन से फूड पॉइजिंग हुई हैं। 

जहां टीम नहीं वहां ग्रामीणों पर आश्रित-पुजारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर बीआर पुजारी ने बताया कि पामेड़ में उनकी टीम तैनात है। लेकिन कोतापल्ली  रोड पर टीम नहीं हैं। ऐसे में जहां टीम नहीं हैं वहां गांव के ग्रामीणों पर आश्रित हैं। कुछ अंदरुनी क्षेत्रों के लोग किसी कारण जो बाहर गए थे उनका सर्वे कर जांच करने में थोड़ी दिक्कत तो हैं। 

बॉर्डर पर कड़ी चौकसी - सिंह
भोपालपटनम के एसडीओपी अभिषेक सिंह ने बताया कि बॉर्डर इलाका होने से तिमेड़ व तारलागुडा में नाका लगा हुआ है। पुलिस चेकपोस्ट से चौकसी कर रही है। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों को आरटीपीसीआर की 72 घण्टे पूर्व की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। नहीं होने पर उसका आरटीपीसीआर जांच यही किया जाएगा और रिपोर्ट आने तक उसे यही क्वारन्टीन किया जाएगा।  स्वास्थ्य, प्रशासन व पुलिस के जवान मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
 

कलेक्टर ने किया कंटेनमेंट जोन नैमेड़ का निरीक्षण
10-May-2021 8:26 PM (84)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 10 मई। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने जिले के बीजापुर ब्लॉक अंतर्गत पूर्णत: कंटेंटमेंट जोन घोषित ग्राम पंचायत नैमेड़ का निरीक्षण कर होम आईसोलेशन में रहने वाले लोगों से उनका स्वास्थ्य सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली एवं कोविड नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर स्वास्थ्य विभाग एवं कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पर अवगत कराने को कहा।

ग्राम पंचायत नैमेड़ में कोरोना वायरस के संक्रमण की संख्या अधिक होने के कारण 8 मई सुबह 6 बजे से 21 मई सुबह 6 बजे तक कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है उक्त अवधि में आवश्यक वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति  प्रभारी अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जा रही है, वहीं स्वास्थ्य एवं पुलिस अधिकारियों को लगातार निगरानी हेतु नियुक्त किया गया है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने इसके साथ ही जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्र चेरपाल में चल रहे टीकाकरण एवं कोविड जांच की स्थिति से अवगत होकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अधिक से अधिक टीकाकरण एवं कोविड जांच करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। सभी पात्र हितग्राहियों को मैदानी कर्मचारियों के सहयोग से टीकाकरण में वृद्धि लाने को कहा गया।

उन्होंने इस दौरान कोविड संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, साबुन से समय-समय पर हाथों की धुलाई करने सहित घर पर सुरक्षित रहने के लिए मैदानी अमले के जरिये लोगों को निरन्तर समझाईश देने के निर्देश दिये। इस दौरान इंसीडेंट कमाण्डर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी बीजापुर देवेश कुमार ध्रुव उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ सीमा पर मवेशियों से भरा ट्रक जब्त, चालक फरार
08-May-2021 8:46 PM (68)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

भोपालपट्टनम, 8 मई। कल छत्तीसगढ़ सीमा तारलागुड़ा थाने के चेक पोस्ट में संदेह के आधार पर ट्रक को रोकने का प्रयास करने पर ड्राइवर फरार हो गया।  ट्रक की तलाशी करने पर उसमें मवेशी भरे मिले। ट्रक को जब्त कर लिया गया है। 

ज्ञात हो कि बीते कुछ माह से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आसपास व कांकेर, कोंडागांव के आसपास से कंटेनर व ट्रकों में अवैध रूप से मवेशियों का भारी तस्करी किया जा रहा है। पिछले माह रायपुर के आसपास से 2 कंटेनर भर के मवेशियों को लेकर छत्तीसगढ़ सीमा और महाराष्ट्र सीमा से एक गाड़ी तारलागुड़ा बॉर्डर होते हुए तेलंगाना चली गई, दूसरी गाड़ी तिमेड बॉर्डर होते हुए महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिला के सिरोंचा तहसील के पेटीपाका के ग्रामीणों द्वारा रोड  जाम कर मवेशियों से भरी कंटेनर को पकड़ा गया। मौके से ड्राइवर फरार हो गया। उस कंटेनर में 52 मवेशियों थे जिसमें 13 मवेशिया मृत पाए गए जिसकी जानकारी सिरोंचा थाने में दी गई थी।

 कल छत्तीसगढ़ सीमा तारलागुड़ा थाने के चेक पोस्ट में संदेह के आधार पर ट्रक को रोकने का प्रयास किया जा रहा था कि ड्राइवर फरार हो गया जिसकी तलाशी करने पर उस ट्रक में मवेशियों भरा हुआ था। वाहन क्रमांक सी जी 04 जे सी 9369 बताया गया है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों की सुरक्षा की चिंता करें वन विभाग व प्रशासन-मुदलियार
08-May-2021 8:43 PM (97)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 8 मई। पड़ोसी राज्य तेलंगाना व महाराष्ट्र से यहां पहुंचे तेंदूपत्ता ठेकेदारों और उनके सहयोगियों को बिना कोविड जांच व बिना प्रोटोकॉल के फॉलो किये क्षेत्र में भेज दिए जाने पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने सवाल खड़े किए हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि जिला प्रशासन ने कोरोना प्रकोप को लेकर लॉकडाउन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। कोरोना का आंध्रा म्यूटेंट नया स्ट्रेन का तेलंगाना, महाराष्ट्र में अत्यधिक प्रभाव को देखते हुए तेलंगाना,महाराष्ट्र सीमा क्षेत्रों को नाकेबंदी कर सघन जांच करवाने में काफी गम्भीरता व सजगता दिखाई ।किंतु ऐसा क्या मोह था ? तेंदुपत्ता ठेकेदारों व उनके सहयोगियों के प्रति कि कोविड नियमों का पालन,परिपालन किये बगैर  क्षेत्र व जिला मुख्यालय में बेखौफ घूमने की इजाज़त दे दिया। श्री मुदलियार ने कहा कि यह बात सत्य है कि तेंदूपत्ता संग्रहण यहां के गांव,गरीब, आदिवासियों के जीवन-यापन का बहुत बड़ा साधन व आधार है।किंतु वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर उनके जीवन को सुरक्षित करने का दायित्व भी प्रशासन व वनविभाग का है ।

   उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों की वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए कोरोना की दूसरी लहर के बीच आंध्रा म्यूटेंट का नया स्ट्रेन मिलने से जहां लोगो में खौफ है ,जो मौजूदा स्ट्रेन के मुकाबले  नया वेरिएंट कई गुना ज्यादा खतरनाक है। इस बात की वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों ने पुष्टि भी कर दी है। इसका असर भी विगत दिनों तेलंगाना से आये लोहंडीगुड़ा क्षेत्र के युवक की नया स्ट्रेन पाए जाने से मौत होना पश्चात बस्तर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जाहिर किया और पूरे बस्तर संभाग के जिलों को हाई अलर्ट घोषित किया गया है। श्री मुदलियार ने आगे कहा कि बावजूद इसके बीजापुर में वनविभाग व जिला प्रशासन ने तेलांगाना और महाराष्ट्र से आये हुए तेंदूपत्ता ठेकेदारों व उनके सहयोगियों को कोविड-19के प्रोटोकॉल का  पालन किये बिना उन्हें अपने अपने कार्य क्षेत्रों में भेजा गया।

जबकि कोरोना संक्रमण के भीषण प्रकोप से सम्पूर्ण देश जूझ रहा है। ऐसे वक्त सर्वविदित है,कि कोविड नियमों का पालन कर अपना आरटी पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट 72 घण्टे पूर्व का तेलंगाना, महाराष्ट्र से लेकर इस जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई प्रारंभ के पूर्व निर्धारित समय से प्रवेश कर कोरोना नियमों  का पालन में इस जिले में भी कोरोना मापदण्डो के मुताबिक क्वारन्टीन होते और यहां का आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर उन्हें अनुमति दिया जाता तो  नया स्ट्रेन का खतरा नही रहता। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी वन विभाग के मण्डल अधिकारी एवं जिला प्रशासन की हैं । परंतु ऐसा न कर तेंदूपत्ता ठेकेदारों व उनके सहयोगियों को लॉकडाउन के नियमों का उचित पालन न कराकर उन्हें खुली छूट दे दी गई । जो कोरोना संक्रमण के नए स्ट्रेन को आमंत्रण जैसा है । श्री मुदलियार ने कहा कि इस विषय पर क्षेत्रीय विधायक का भी किसी प्रकार का संज्ञान नही लेना उन्हें अपने क्षेत्र के प्रति संवेदशीलता को दर्शाता हैं। ऐसे संवेदनशील विषयों पर मौन रहना क्षेत्रीय विधायक  की मौन स्वीकृति को दर्शाता है।

उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से मांग कि हैं कि इस क्षेत्र के गांव,गरीब आदिवासियों का तेंदूपत्ता संग्रहण कोविड नियमों के मापदंडों का पूर्णतया पालन करते हुए किया जायें। और तेंदूपत्ता संग्राहकों को कोरोना प्रकोप से बचाये व सुरक्षित रखें।तथा कितने ठेकेदार व उनके सहयोगी जो बीजापुर जिले में प्रवेश किये उनकी सूची व उनके मेडिकल रिपोर्ट्स यदि क्वारन्टीन किये तो किन-किन केंद्रों में और कितने दिन एवं उनके आर टी.पीसीआर रिपोर्ट्स और उनकी वर्तमान स्थिति, को सार्वजनिक किया जाये।

 और यदि ऐसा नही तो इस क्षेत्र में कोरोना की दूसरी लहर में आया नया स्ट्रेन पाया जाता है तो इसकी पूर्णत: जवाबदेही संबंधित अधिकारी एवं तेलंगाना/महाराष्ट्र के ठेकेदारों की होगी ।

बंगाल में हिंसा के खिलाफ भाजपा का धरना
05-May-2021 9:00 PM (85)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 5 मई। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मतगणना संपन्न होने के बाद वहां भडक़ी हिंसा में भाजपा के दस कार्यकर्ता मारे गए। इसके विरोध में भाजपा ने देश भर में धरना-प्रदर्शन किया।

बुधवार को यहां जिला मुख्यालय सहित सभी मंडलों में भाजपा जिलाध्यक्ष निवास मुदलियार के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर घटना का विरोध किया। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने बताया कि जिस प्रकार पश्चिम बंगाल में हुए हिंसा में भाजपा कार्यकर्ता मारे गए है।

उसका टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं की वजह से लोकतंत्र शर्मसार हुआ हैं। ऐसी हिंसा किसी भी शर्त पर स्वीकार नहीं हैं। श्री मुदलियार ने आगे बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को बंगाल दौरे रहे। उन्होंने वहां पीडि़त परिवार से मिला। उन्होंने कोविड नियमों के तहत देशभर में धरना प्रदर्शन का आव्हान किया था।

नपं अध्यक्ष ने की कोरोना जांच सेंटर में टेंट और पानी टेंकर की व्यवस्था
30-Apr-2021 6:17 PM (69)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
करगीरोड  कोटा , 30 अप्रैल। 
नपं अध्यक्ष ने कोरोना जांच सेंटर में टेंट और पानी टेंकर की व्यवस्था की। 
सामुदायिक  स्वास्थ्य केंद्र कोटा में करोना जांच सेंटर में प्रतिदिन कोटा नगर और आसपास के ग्रामीण कोरोना जांच के लिए सैकडों की संख्याओं में आते हैं।  चिलचिलाती धूप गर्मी  जांच सेंटर में बडी संख्या में लोगों को अपनी बारी का इंतजार करते समय लगता हैं। इसी समस्या को देखते हुए कोटा नगर पंचायत अध्यक्ष अमृता प्रदीप कौशिक ने कोरोना जांच सेंटर के बाहर टेंट लगाकर आम जनता को चिलचिलाती धूप गर्मी से बचाव के लिए तत्काल सुविधा उपलब्ध करवाया और पीने के पानी हेतु पानी टेंकर का सुविधा प्रति दिन प्रदान करने कहा गया।
 

लॉकडाउन की मार, तेलंगाना से 150 किमी पैदल चलकर बीजापुर पहुंचे मजदूर
29-Apr-2021 10:51 PM (116)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 29 अप्रैल।
तेलंगाना में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने के चलते अब मजदूर वहां से 150 किमी पैदल ही अपने घरों की ओर वापस लौट रहे हैं। 

एक महीने पहले मजदूरी करने तेलंगाना के सेंड्रापटनम गए बस्तर जिले के बास्तानार के 14 मजदूर गुरुवार को पैदल बीजापुर पहुंचे। इनमें 10 साल की दो छोटी बच्चियां भी शामिल हैं। दरअसल लॉकडाउन होने के चलते पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद हैं। जिसकी वजह से ये मजदूर जंगल पहाड़ नालों को पार कर 150 किमी पैदल चलकर भूखे प्यासे बीजापुर पहुंचे। इन मजदूरों को यहां से उनके गांव तक भेजने की व्यवस्था किसी तरह की गई। 

ज्ञात हो कि यहां काम होने के बावजूद मजदूर मजदूरी के लिए यहां से तेलंगाना-महाराष्ट्र की ओर जाते हंै। मजदूरों का कहना है कि गांव में काम तो है, लेकिन भुगतान नहीं होता, इसी के चलते उन्हें पड़ोसी राज्यों में मजदूरी करने जाना पड़ता है।
 

लॉकडाउन का उल्लंघन, 4 बसें जब्त
28-Apr-2021 6:55 PM (77)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 28 अप्रैल।
लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन करना महिंद्रा ट्रेवल्स को भारी पड़ गया। एसडीएम व तहसीलदार ने कलेक्टर के आदेश पर महिंद्रा कंपनी की 4 बसों को जब्त कर भैरमगढ़ व नेलसनार थाना के सुपुर्द कर दिया हैं। 

भैरमगढ़ तहसीलदार जुगल किशोर पटेल ने बताया कि कुछ समय से सूचना थी कि महिंद्रा ट्रेवल्स लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए यात्री बसों का परिचालन अवैध तरीके से कर रहा हैं। कलेक्टर के आदेश पर आज सुबह भैरमगढ़ में नाकाबंदी कर महिंद्रा ट्रेवल्स की 4 बसों को जब्त किया गया हैं। इनमें 1 बस भैरमगढ़ व 3 बसों को नेलसनार थाना के सुपुर्द किया गया हैं। तहसीलदार पटेल के मुताबिक यह बस संचालक आम यात्रियों व छुट्टी से लौटने वाले फोर्स के जवानों को रातों रात छोड़ कर अलसुबह वापस लौट जाते थे। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन के चलते सभी बसों का परिचालन बंद है। ऐसे महिंद्रा ट्रेवल्स की बसें लॉक डाउन का उल्लंघन करते परिचालन कर रही थी। तहसीदार पटेल ने बताया कि यहां से प्रकरण तैयार कर कलेक्टर कार्यालय भेज दिया गया हैं। आगे की कार्यवाही वही से होगी। इस कार्यवाही के दौरान एसडीएम एआर राणा, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल मौजूद रहे।
 

नक्सल आरोपी बंदी
27-Apr-2021 7:53 PM (50)

बीजापुर, 27 अप्रैल। कल भैरमगढ़ पुलिस और सीआरपीएफ जवानों ने एक नक्सल-आरोपी को गिरफ्तार किया है। 
जिले में चलाये जा रहे माओवादी विरोधी अभियान के तहत् थाना भैरमगढ़ एवं केरिपु 199 का संयुक्त बल 26 अप्रैल को केशकुतुल की ओर निकली थी। अभियान के दौरान केशकुतुल से 01 माओवादी मिडियामी आयतु उर्फ आयतु उर्फ चेन्दरु उम्र 36 वर्ष निवासी केशकुतुल थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर को पकड़ा गया। पकड़ा गया आरोपी 12अप्रैल 2007 को केशकुतुल केशामुण्डी पारा के पास पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने की घटना में शामिल था । गिरफ्तार माओवादी के विरूद्ध थाना भैरमगढ़ में 01 स्थाई वारंट भी लंबित है । गिरफ्तार माओवादी के विरूद्ध थाना भैरमगढ़ में वैधानिक कार्यवाही उपरान्त न्यायालय बीजापुर पेश किया गया ।
 

भोपालपटनम ब्लॉक के ग्राम पंचायत गोटाईगुड़ा को मिला नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार
26-Apr-2021 10:31 AM (125)

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल कार्यक्रम में पंचायत पदाधिकारियों और अधिकारियों को दी बधाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 25 अप्रैल।
राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस के अवसर पर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत गोटाईगुड़ा को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार प्रदान किया गया। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर विडियो काफ्रेंसिंग के जरिये आयोजित वर्चुअल पुरस्कार कार्यक्रम में उक्त पुरस्कार प्रदान करते हुए पंचायत पदाधिकारियों और अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी तथा कहा कि पहली बार नक्सल प्रभावित ईलाके के ग्राम पंचायत को यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को और बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। 

मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज व्यवस्था की देन के लिए देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि आज पंचायतीराज संस्थायें सशक्त हो गई हैं और इन संस्थाओं में महिलाओं सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व मिला है। उन्होंने कोविड की विषम परिस्थिति के दौरान ग्रामीणों की सहमति से ग्रामों में मनरेगा के रोजगारमूलक कार्य खोले जाने सहित जरूरतमंदों को रोजगार सुलभ कराये जाने कहा। वहीं समावेशी विकास की अवधारणा के अनुरूप योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन करने सहित बेहतर ढंग से कार्य करने पर बल दिया। 

मुख्यमंत्री ने कोविड संक्रमण से बचाव के लिए ग्रामीण इलाकों में सभी की सहभागिता से बेहतर उपाय एवं प्रबंध करने कहा। उन्होने बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी करने एवं कोविड जांच सहित उनके क्वारंटाईन हेतु समुचित व्यवस्था किए जाने कहा। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने भी राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार हेतु पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को बधाई दी और ग्रामीण विकास की योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन करने पर बल दिया। वहीं राजस्व मंत्री एवं प्रभारी मंत्री जिला बीजापुर जयसिंह अग्रवाल ने विडियो काफ्रेंसिंग से जुडक़र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्राप्त करने के लिए पंचायत पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को बधाई दी और ग्रामीण इलाकों में जनकल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने पर जोर दिया।

गौरतलब है कि केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रदत्त किए जाने वाले राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 12 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली में आयोजित वर्चुअल समारोह में विजेता पंचायतीराज संस्थाओं के खातों में पुरस्कार राशि का अंतरण किया। इस दौरान केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

यह लगातार दूसरा वर्ष है, जब प्रदेश की पंचायतीराज संस्थाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 12 पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2020 में भी प्रदेश को ई-पंचायत पुरस्कार और 11 पंचायतीराज संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया था। इसके पहले 2019 में भी राज्य की पंचायतों को 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए थे। इस वर्ष 2021 में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के तहत् प्रदेश की पंचायतों में आईसीटी के उपयोग में बेहतर प्रदर्शन हेतु भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को ई-पंचायत पुरस्कार प्रदान किया गया। तीन अलग-अलग वर्गों मेें प्रदान किये जाने वाले इस पुरस्कार में छत्तीसगढ़ को प्रथम वर्ग में पूर्वोत्तर के असम राज्य के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला। वहीं केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा बस्तर अंचल के जिला पंचायत कोंडागांव सहित गरियाबंद तथा तिल्दा जनपद पंचायत और सरगुजा जिले के अम्बिकापुर ब्लॉक के रिरी, बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के माहुद, कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा ब्लॉक के माहराटोला तथा रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बैहार को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं बीजापुर जिले के दूरस्थ भोपालपटनम ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत गोटाईगुड़ा को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार, रायपुर जिले के अभनपुर ब्लॉक अंतर्गत नवागांव को बाल हितैषी पुरस्कार और आरंग ब्लॉक के ग्राम पंचायत बैहार को ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार प्रदान किया गया। 

वर्चुअल पुरस्कार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री के सलाहकारद्वय राजेश तिवारी एवं विनोद वर्मा सहित सिद्धार्थ कोमल परदेशी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना एवं संचालक पंचायत मोहम्मद कैसर अब्दुल हक मौजूद थे। वहीं बीजापुर कलेक्टोरेट एनआईसी कक्ष में कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत रवि कुमार साहू, उपसंचालक पंचायत गीत कुमार सिन्हा तथा सरपंच ग्राम पंचायत गोटाईगुड़ा सीताराम तोड़ेम सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।

भाजपाईयों ने गिनाईं भूपेश सरकार की विफलताएं
26-Apr-2021 10:28 AM (81)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भोपालपट्टनम,  25 अप्रैल।
प्रदेश भारतीय जनता पार्टी संगठन के आह्वान पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार के निर्देश अनुसार भोपालपटनम मण्डल अध्यक्ष के मार्गदर्शन में भोपालपटनम मण्डल इकाई के द्वारा कोरोना काल में प्रदेश काँग्रेस सरकार की विफलताओं के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता अपने-अपने घर के सामने कोविड 19 का निर्देशों का पालन करते हुए भूपेश सरकार की विफलताएं गिनाई। 

मण्डल इकाई के द्वारा कहा गया कि सरकार सभी मोर्चाओं पर विफल रही है। जैसे प्रदेश में चल रही महामारी कोरोना वायरस की जंग में पूरी तरह विफल रही है। एक ओर प्रदेश में कोविड़ 19 का प्रकोप चल रहा है सरकार प्रदेश में क्रिकेट का आयोजन करा रहा है। मण्डल इकाई ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश की अस्पतालों में कोविड़ 19 के मरीजों को पर्याप्त बेड नहीं है ऑक्सीजन नही पहुँच पा रहा है और अस्पतालों में स्टॉफ की कमी है। दवाओं की कालाबजारी हो रही है। सभी स्वाथ्य सुविधाएं लचर हो गया है। प्रदेश की जनता परेशान है। भूपेश सरकार गहरी नींद में है। 

मण्डल इकाई की  सरकार से अपील है कि इस विकट विपत्ति में जागो सरकार जागो और अपने प्रदेश की जनता की चिंता करो। इस विरोध-दर्शन में हर कार्यकर्ता व पदाधिकारी अपने घर के सामने बैठकर विरोध-प्रदर्शन किया जिसमें जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष जाना चिडेम जिला पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष पी. संतोष कुमार भोपालपटनम मण्डल अध्यक्ष  वेंकटेशवर आलम  महिला मोर्चा अध्यक्ष ऋतु परस्ते युवामोर्चा अध्यक्ष गिरजाशंकर आदि शामिल रहे।
 

लॉकडाउन में चोरी-छिपे अधिक कीमत पर सामान बेचा, दुकान सील, जुर्माना
25-Apr-2021 11:32 PM (109)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भोपालपटनम, 25 अप्रैल।
लॉकडाउन में दुकान के पीछे से सामान बेचने की शिकायत पर जांच में सही मिली और उक्त दुकान को सील कर दिया गया है। तहसीलदार ने पंचायत को उक्त दुकानदार के खिलाफ एक हजार का जुर्माना वसूलने के निर्देश पर तत्काल चालान काटा गया।

ज्ञात हो कि लॉकडाउन में जिले में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने के आदेश जारी किया है। ग्रामीणों का कहना है कि भोपालपटनम तहसील के ग्राम तिमेड के अंकिनपल्ली प्रमोद नामक किराना दुकानदार अपनी दुकान को पीछे से खोलकर बेच रहा है जिसको स्थानीय ग्रामीणों ने सरपंच को संज्ञान में लेते हुए अधोहस्ताक्षरी लिखित शिकायत भोपालपटनम के एसडीएम के नाम से आवेदन बनाए थे।

ग्राहकों द्वारा बताया जा रहा है कि 150 रुपये की तेल पैकेट 200 रुपये के हिसाब से और भी समान अपने औने-पौने दाम में बेच रहा है जिससे गरीब ग्रामीण परेशान हो रहे हैं।
इस शिकायत को कलेक्टर ने संज्ञान में लेते हुए एसडीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तहसीलदार और भोपालपट्टनम टीआई ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दुकान को सील कर दिया गया है। 

भोपालपटनम टीआई विनोद एक्का के द्वारा जांच प्रक्रिया चालू किया गया। शिकायतकर्ता  गोवर्धन राव एवं पी संतोष से बयान लिया गया। केपी रवि पुलिस आरक्षक को दो पैकेट तेल 400 में बेचा गया उसने भी टीआई-तहसीलदार को बयान दिया।