कोरिया

हैंडओवर के पहले ही स्टेडियम खंडहर में तब्दील
22-Feb-2021 5:53 PM 56
हैंडओवर के पहले ही स्टेडियम खंडहर में तब्दील

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बैकुंठपुर, 22 फरवरी।
कोरिया जिले में पूर्व खेल मंत्री द्वारा सिर्फ बैकुंठपुर विधानसभा में 6 खेल स्टेडियम बनवाए गए, जिनमें 4 स्टेडियम ऐसे स्थानों पर बने जिनका उपयोग ग्रामीण कैसे कर पाएंगे यह आज भी सवाल बना हुआ है। पांच वर्ष से ज्यादा हो गया एक भी स्टेडियम पूर्ण नहीं हो पाए। यही कारण है कि भाजपा के कार्यकाल में एक भी स्टेडियम का शुभारंभ नहीं हो पाया। बताया जा रहा है। आज तक एक भी स्टेडियम लोक निर्माण विभाग के द्वारा खेल विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है, जबकि अब बने स्टेडियम खंडहर में तब्दील होने लगे हैं।

इस संबंध में खेल अधिकारी राजेन्द्र सिंह का कहना है कि अभी तक सभी स्टेडियम लोक निर्माण विभाग के पास ही है, खेल विभाग को अब तक हैंडओवर नहीं हुए है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में बैकुंठपुर जनपद अंतर्गत ग्राम चारपारा में भी स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। तत्कालीन खेल एवं युवा कल्याण मंत्री के द्वारा स्वीकृत स्टेडियम का उनके कार्यकाल के तीन वर्षों में भी पूरा नहीं हो पाया। चारपारा के भखार के पास पथरीली और चट्टानों से भरे भूमि पर स्टेडियम बनाने के निर्णय पर तब कई सवाल खड़े हुए थे। ग्रामीणों के साथ खेल से जुड़े लोगों ने भी भूमि के चयन का विरोध किया था और कहा था कि सरकारी पैसे की बर्बादी के लिए यहां स्टेडियम बनवाया जा रहा है। परन्तु उस समय किसी की नहीं सुनी गई।  

अब चारपारा में बनाया गया स्टेडियम बनने के बाद से वीरान पड़ा हुआ है। स्टेडियम का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद लाखों के स्टेडियम में इसके बाद से अब तक कभी किसी प्रकार का खेल आयोजन भी नहीं किया गया। मैदान इतना पथरीला है कि कोई यहां खेलने तो क्या देखने भी नहीं आता है। स्टेडियम के अंदर चारों ओर बड़ी-बड़ी झाडिय़ां उग आई है। आसपास के गांवों में खिलाडिय़ों का भी अभाव है। 

स्टेडियम से गांव की दूरी होने के कारण युवा बनाए गए स्टेडियम में कभी भी खेलकूद करने भी नहीं पहुंचते हैं। इस तरह से भारी रकम खर्च करने के बाद बनाया गया स्टेडियम किसी काम का नहीं रह गया है।  चारपारा का स्टेडियम ऐसा स्टेडियम है जिसका न तो उद्घाटन किया गया और न ही किसी तरह की अब तक खेल आयोजन ही हुआ। पूरा स्टेडियम वीरान पड़ा हुआ है।

पथरीले भूमि पर निर्मित है चारपारा का स्टेडियम
जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर जनपद अंतर्गत ग्राम चारपारा में उस स्थल पर बनाया गया है  जो पथरीली भूमि है। स्टेडियम के चारों ओर दीवारें खड़ी कर दी गई हैं और मुख्य द्वार के पास कमरे बनाए गए हैं जिसमें लगी टाईल्स को तोड़ दिया गया है। आज तक बिजली का तार स्टेडियम तक नहीं पहुंच पाया है। लगातार सूना पड़े रहने के कारण स्टेडियम के चारों और कई तरह की घास व खरपतवार उग आए हैं। जिसे देखकर नहीं लगता है कि यह कोई स्टेडियम है। मैदान पथरीला है जिसमें किसी प्रकार का खेलकूद करा पाना संभव नहीं है। पथरीले मैदान के ऊपर मिट्टी डालकर बराबर करना चाहिए था लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में कैसे कोई दौड़ लगाने भी पथरीले भूमि के मैदान में आना चाहेगा।

खंडहर होने लगा 48 लाख का स्टेडियम
चारपारा के नाम पर भखार में बनाए गए नये स्टेडियम के मुख्य द्वार के पास कुछ कमरे भी बनाए गए हैं। लगातार सूना पड़ा रहने के कारण कमरों में लगाए गए खिडक़ी-दरवाजे चोरी हो चुके हैं, वहीं यहां बनाए गए बाथरूम टूट-फूट गए हैं। सूनसान क्षेत्र में बनाए गए स्टेडियम की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ऐसे में यहां के दरवाजे-खिडक़ी भी चोरी हो जाए तो काफी दिन बाद भी पता नहीं चल सकेगा। नए बनाए गए स्टेडियम की इसी तरह से लगातार उपेक्षा की जाती रही तो कोई भी सामान यहां का सुरक्षित नहीं बचेगा।  

युवा बांध की खाली जमीन पर खेल रहे
ग्राम चारपारा के ग्राम भखार में बनाया गया स्टेडियम गांव के एक किनारे पर बनाया गया है वहीं जिला मुख्यालय से 10 किमी की दूरी पर है। इस क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति ज्यादा रूचि नही है। वही जनपद क्षेत्र के कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं जिस क्षेत्र के युवाओं में विभिन्न खेलों के प्रति रूचि है लेकिन वहां पर सुविधाओं का अभाव है। 
जानकारी के अनुसार जनपद बैकुंठपुर क्षेत्र के सागरपुर ओडग़ी जो कि जिला मुख्यालय से लगा हुआ ग्राम है। 
इस क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति ज्यादा रूचि है लेकिन इस क्षेत्र में सुविधायुक्त खेल का मैदान भी नसीब नहीं है। लेकिन युवाओं में खेल के प्रति समर्पण ऐसा है कि झुमका बांध क्षेत्र के भीतर में खाली हुई पानी की जगह को मैदान बनाकर खेलते हैं साथ ही यहां फुटबॉल प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है। यदि जरूरत वाले जगहों पर स्टेडियम का निर्माण कराया गया होता तो स्टेडियम वर्ष भर खिलाडिय़ों से गुलजार रहता।  
 

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