कोण्डागांव

ग्रामीण सचिवालय के संचालन के लिए कलेक्टर ने जारी किए निर्देश
25-Sep-2021 5:40 PM (52)
ग्रामीण सचिवालय के संचालन के लिए कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
कोण्डागांव, 25 सितंबर।
राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 26 जनवरी 2004 से राज्य भर में ग्रामीण सचिवालय व्यवस्था लागू की गयी थी। जिसके माध्यम से प्रशासन को ग्राम स्तरीय प्रशासन एवं जनता से सीधे जोडऩे और पारदर्शिता के साथ ग्रामीण समस्याओं के संवदेनशीलता पूर्वक हल करने के लिए स्थापित किया गया था, परंतु वर्तामान में ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सचिवालयों की सक्रियता में कमी आयी थी। जिससे ग्रामीणों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। जिसे देखते हुए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा ग्रामीण सचिवालयों को अधिक सक्रिय एवं प्रभावित बनाने के उद्देश्य से इनके संचालन हेतु दिशा निर्देश जारी किये हैं।

जारी निर्देशानुसार अब प्रत्येक सप्ताह में ग्रामीण सचिवालयों की बैठक को अनिवार्य करते हुए एक निर्धारित दिवस पर सुबह 11 से 02 बजे तक पंचायत भवन में आयोजित किये जायेगें। इन्हें हाट-बाजार के दिन लगाते हुए इनके संचालन के संबंध में ग्राम पंचायतों द्वारा प्रचार-प्रसार मुनादी, दीवाल लेखन एवं फ्लैक्स के माध्यम किया जायेगा। इनमें समस्त मैदानी स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी तथा अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी, कर्मचारी की जानकारी उसी दिन जनपदों को प्रेषित किया जायेगा। 

ग्रामीण सचिवालय में आय-जाति, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड में परिवार के सदस्य का नाम जुड़वाना, अविवादित नामांतरण-बंटवारा से संबंधित कार्य तथा इसके अलावा मनरेगा के मजदूरी भुगतान तथा वृध्दावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि भुगतान के संबंध में जानकारी दी जायेगी। इन सचिवालयों में ग्राम पंचायत बैठक एवं स्थायी समितियों के बैठकों सहित ग्राम के विकास एवं न्याय संबंधी प्रकरणों का निपटारा किया जायेगा।

इन ग्रामीण सचिवालयों में ग्राम पंचायत द्वारा संधारित 16 प्रकार की पंजियों एवं मनरेगा अन्तर्गत संधारित समस्त प्रकार की पंजियों के साथ-साथ पलायन पंजी को संधारित एवं अद्यतन करने की समीक्षा की जायेगी। इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ, आंतरिक, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारियों की होगी। ग्रामीण सचिवालयों द्वारा शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे नरवा, गरवा, घुरवा बाड़ी पर विशेष ध्यान देते हुए स्वायत (आत्म निर्भर) ग्राम पंचायतों के निर्माण एवं रोजगार सृजन किया जायेगा। इनमें अन्य गतिविधियाँ जैसे टीकाकरण, पलायन पंजी संधारण, स्वच्छता जाग़रूकता एवं श्रमदान आदि कार्य भी किया जायेगा। इन सचिवालयों द्वारा जानकारी निर्धारित प्रपत्र में साप्ताहिक रूप से जमा करायी जायेगी साथ ही सभी आवेदन पत्रों को ग्राम पंचायत सचिव के पास गूगल फार्म के माध्यम से लिया जायेगा। इन आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सचिवालय में आए हुए ग्रामीणों को कार्यवाही से लिखित में अवगत कराना होगा। इन आवेदन पत्रों द्वारा किसी भी विभाग से मांग, शिकायत एवं सुझाव ग्रामीणों द्वारा दिया जा सकता है। इन आवेदनों को सचिवों द्वारा एक सम्ताह के भीतर निराकृत करने का प्रयास करते हुए कार्यवाही से आवेदक को अवगत कराया जायेगा। ग्रामीण सचिवालय दिवस में अधिकारी एवं कर्मचारियों की उपस्थिति सूचना बोर्ड में अंकित करनी होगी।
 

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