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आधुनिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रगति कॉलेज में योग और ध्यान कार्यशाला आयोजित
25-Jan-2026 4:54 PM
आधुनिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रगति कॉलेज में योग और ध्यान कार्यशाला आयोजित

रायपुर, 25 जनवरी। प्रगति कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सौम्या नैयर ने बताया कि आाधुनिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग एवं ध्यान से संबंधित कार्यषाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ.राजीव चौधरी, विभागाध्यक्ष, अध्ययनषाला शारीरिक षिक्षा विभाग, पं.रविषंकर शुक्ल वि.वि.,रायपुर उपस्थित हुए। सर्वप्रथम सरस्वती पूजा एवं दीप प्रज्वल्लन कर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

प्राचार्य डॉ. सौम्या नैयर ने ध्यान को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्याथियों के लिए अति आवश्यक बताया। प्रत्येक व्यक्ति को योग और ध्यान करना चाहिए, जिससे व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से सुखी जीवन जी सके। इसके पश्चात् मुख्य वक्ता डॉ.राजीव चौधरी ने अपने विचार व्यक्त किए, कार्यशाला की शुरूआत उपनिषद के श्लोक के माध्यम से हुई, जिसमें उन्होने शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक विकास तथा सुश्रुत संहिता में वर्णित तीन दोषों वात्, पित्त और कफ के बारे में बताया। मानसिक व्याधि के लक्षण अत्यधिक खाना, सोना, भूलने की बिमारी, गुस्सा, चिंता, डर को बताते हुए उनके उपायों पर चर्चा की।

डॉ. चौधरी ने यह भी बताया कि वेद,गीता, उपनिषद में योग की परिभाषा अलग- अलग है, उन्हाने ने बताया कि चित्त की वृत्तियों को रोकना ही योग है। अनूकुलन की शक्ति समाज में आपकी अलग पहचान बनाता है। आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य से इडा पिंगला को सुषुम्ना की सहायता से संतुलित कर कुन्डलियों को सक्रिय करने के बारे मे बताया। उन्होंंने शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों को कार्यषाला के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखायी। मनू, कुलुका, स्वातमाराम, पंतजलि, ऋषि श्वेताम्बर के द्वारा बताए गए योगों की परिभाषा पर चर्चा की साथ ही जीवन में योग और ध्यान की उपयोगिता को बताया।


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