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रायपुर, 23 जनवरी। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने बताया कि 28-29 मार्च 2026 को लॉ, राइट्स एंड इंडिजिनस फ्यूचर्स: रीथिंकिंग ट्राइबल जस्टिस इन अ ग्लोबलाइज़्ड वर्ल्ड विषय पर एक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है। इस सम्मेलन का आयोजन हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर के स्कूल ऑफ लॉ एंड ह्यूमैनिटीज़ के अधीन सेंटर फॉर स्टडी ऑफ लॉ एंड इंडिजिनस पीपल द्वारा किया जा रहा है।
एचएनएलयू ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य विस्थापन, पारिस्थितिक क्षति तथा सांस्कृतिक विलोपन जैसी समकालीन चुनौतियों के संदर्भ में स्वदेशी एवं जनजातीय न्याय पर एक समग्र और अंत:विषय संवाद को विकसित करना है। सम्मेलन के प्रमुख विषयों में प्रथागत कानून एवं संवैधानिक न्याय, मानवाधिकार एवं सार्वजनिक नीति, संस्कृति एवं पहचान, जलवायु न्याय, विकास-जनित विस्थापन तथा वैश्विक परिप्रेक्ष्य में स्वदेशी संघर्षों का तुलनात्मक अध्ययन शामिल है।
एचएनएलयू ने बताया कि सम्मेलन का एक विशेष फोकस युवाओं के दृष्टिकोण—विशेषकर स्वदेशी एवं प्रथम पीढ़ी के शोधकर्ताओं—को केंद्र में लाना तथा सार्थक संवाद के लिए समावेशी अकादमिक मंच तैयार करना है। यह सम्मेलन विद्यार्थियों, विद्वानों, शोधकर्ताओं, प्राध्यापकों, विधि-व्यवसायियों, नीति विशेषज्ञों, सामुदायिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा मीडिया पेशेवरों से सहभागिता आमंत्रित करता है, ताकि सिद्धांत और व्यवहार के बीच सार्थक संवाद स्थापित किया जा सके।
एचएनएलयू ने बताया कि पारंपरिक शोध पत्रों के अतिरिक्त, सम्मेलन में नीति संक्षेप (पॉलिसी ब्रीफ), सामुदायिक केस स्टडी तथा नृवंशविज्ञानात्मक विवरणों का भी स्वागत किया जाएगा, जिससे ज्ञान-निर्माण के विविध स्वरूपों को मान्यता मिल सके। चयनित शोध पत्रों को समकक्ष समीक्षा प्रक्रिया के पश्चात ढ्ढस्क्चहृ सहित संपादित पुस्तक में प्रकाशन हेतु विचार किया जा सकता है।
एचएनएलयू ने बताया कि विधि शिक्षा और शोध में उत्कृष्टता के दो दशक पूर्ण करने के अवसर पर आयोजित यह सम्मेलन, सामाजिक रूप से संलग्न अकादमिक प्रयासों तथा संवैधानिक मूल्यों और स्वदेशी दृष्टिकोणों पर आधारित न्याय की खोज के प्रति एचएनएलयू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


