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रायपुर, 6 जनवरी। छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने बताया कि साहिबे-कमाल, सरवंशदानी, सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 359वें प्रकाश पर्व का पावन उत्सव राजधानी रायपुर स्थित गुरुद्वारा गोविंद नगर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं भव्यता के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर गुरुद्वारा परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जहाँ फूलों से सजा दरबार हॉल एवं पालकी साहिब संगत के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
श्री सिंघोत्रा ने बताया कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में दिनांक 4 जनवरी को प्रात: एवं सायंकाल तथा 5 जनवरी को मुख्य प्रकाश पर्व के दिन दरबार साहिब में विशेष दीवान सजाए गए। इस अवसर पर दरबार साहिब के रागी जत्था भाई सरूप सिंह जी एवं हजूरी रागी दरबार श्री अमृतसर साहिब से पधारे भाई शुभदीप सिंह जी द्वारा मधुर कीर्तन और प्रेरणादायी कथा के माध्यम से संगत को गुरु इतिहास से जोड़ा गया, जिससे संगत निहाल हो उठी।
श्री सिंघोत्रा ने बताया कि दशम पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी ऐसे महान युगदृष्टा गुरु थे, जिन्होंने देश और धर्म की रक्षा हेतु अपने माता-पिता सहित अपने चारों साहिबज़ादों का सर्वोच्च बलिदान दे दिया, परंतु कभी धर्म से विचलित नहीं हुए और अत्याचार के आगे न झुके। उनका जीवन त्याग, शौर्य, समानता और मानवता का अनुपम संदेश देता है। इस पावन अवसर पर गुरुद्वारा गोविंद नगर में सिख समाज के स्त्री-पुरुष, बच्चे एवं बुजुर्ग हजारों की संख्या में उपस्थित होकर कीर्तन, अरदास में शामिल हुए एवं गुरु दर्शन का लाभ लिया तथा गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य किया।
श्री सिंघोत्रा ने बताया कि प्रकाश पर्व के समापन पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गोविंद नगर द्वारा विशाल गुरु का लंगर अटूट वितरित किया गया, जिसमें सभी धर्मों और वर्गों के लोगों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।



