बिलासपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
करगीरोड (कोटा), 29 मई। बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और जनमन योजना के तहत आवास स्वीकृत किए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि कई गांवों में आवास निर्माण अधूरा है, कुछ जगहों पर निर्माण शुरू नहीं हुआ है और कुछ मकानों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। मामले में राज्य स्तरीय जांच की मांग की गई है।
जनमन योजना के तहत बैगा परिवारों को आवास निर्माण के लिए लगभग 2.50 लाख रुपये तक की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। आरोप है कि कोटा जनपद पंचायत क्षेत्र में योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताएं हुई हैं और कई हितग्राही अब भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं।
जानकारी के अनुसार खोंगसरा, टाटीधार तथा आसपास के बैगा बहुल गांवों में कई आवास अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ मकानों में छत, दरवाजे, खिड़कियां और फर्श का काम पूरा नहीं हुआ है। कुछ हितग्राहियों ने मकानों के आकार को भी छोटा बताया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कोरोना काल के बाद स्वीकृत कई आवास अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधि बदले, लेकिन हितग्राहियों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ मामलों में हितग्राहियों के खातों से किश्त की राशि निकाल ली गई, जबकि निर्माण कार्य अधूरा रह गया। आरोप यह भी हैं कि कुछ ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आरोप है कि कुछ मामलों में बिना पर्याप्त निरीक्षण के किश्त स्वीकृत किए जाने की बात कही गई है। स्वयं मकान निर्माण करने वाले हितग्राहियों को तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग कम मिलने की शिकायतें हैं। ठेकेदारों के माध्यम से बनने वाले आवासों की किश्तें अपेक्षाकृत जल्दी स्वीकृत होने के आरोप लगाए गए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा अधूरे आवासों को जल्द पूरा कराने की मांग की है।
अपर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा, प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत मिली है, जिसमें बैगा जनजाति के परिवारों के साथ अन्याय होने की बात सामने आई है। जिला स्तरीय सुशासन दिवस के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा, आवास में हुई अनियमितताओं की जानकारी मीडिया के माध्यम से सामने आई है। इसकी जांच कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
सीईओ युवराज सिन्हा से इस संबंध में जानकारी लेने फोन लगाया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
इंजीनियर आवास योजना ग्रामीण भीषम सिंह ने कहा, खाते में पैसे सरकार भेजती है। वहां से लोग गड़बड़ी कर रहे हैं तो इसमें हम क्या कर सकते हैं।
मंडल अध्यक्ष भाजपा राजू सिंह राजपूत ने कहा, मैं स्वयं इसकी जांच करूंगा और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करूंगा। दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप शर्मा ने कहा, बैगा परिवारों के हित के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है, लेकिन पर्याप्त मॉनिटरिंग के बिना जमीनी स्थिति अलग दिखाई दे रही है। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।


