बिलासपुर

मनरेगा बचाओ संग्राम: कांग्रेस का चौक चौराहे पर धरना, एनएच पर सांकेतिक चक्का जाम
31-Jan-2026 12:55 PM
मनरेगा बचाओ संग्राम: कांग्रेस का चौक चौराहे पर धरना, एनएच पर सांकेतिक चक्का जाम

धान खरीदी और मजदूरी पर सरकार को घेरा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 31 जनवरी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में शुक्रवार को मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। यह धरना शहर के नेहरू चौक, गांधी चौक, सरकंडा महामाया चौक और बुधवारी बाजार—इन चारों स्थानों पर एक साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रही।

धरना को संबोधित करते हुए जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत मजदूरी का 90 प्रतिशत भुगतान केंद्र सरकार करती थी, जिसे अब घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। शेष 40 प्रतिशत का बोझ राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है, जिससे पहले से सीमित संसाधनों से जूझ रही राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा।

कांग्रेस नेताओं ने खेती के पीक सीजन में 60 दिनों के ब्लैकआउट पीरियड को मजदूरों और किसानों के हितों पर सीधा प्रहार बताया। कार्यक्रम में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व विधायक शैलेष पांडेय सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और चारों ब्लॉकों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। नेताओं ने मनरेगा के नाम में किए गए बदलाव पर भी एक स्वर में विरोध दर्ज कराया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा में अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना हुआ। इसके बाद रायपुर–बिलासपुर मुख्य मार्ग पर सांकेतिक चक्काजाम कर तहसीलदार को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मनरेगा में किए गए बदलाव वापस लेने, न्यूनतम दैनिक मजदूरी 400 रुपये करने और धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग रखी गई।

 

उधर, बेलतरा विधानसभा के सेंदरी में भी बड़े स्तर पर आंदोलन हुआ। महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने पहले धरना दिया, फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग एक घंटे का चक्काजाम किया। इस दौरान एम्बुलेंस को बिना रोक-टोक निकलने दिया गया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने धान खरीदी के लक्ष्य में शर्तें लगाकर किसानों को परेशान किया है। बड़ी मात्रा में धान किसानों के पास शेष होने के बावजूद खरीदी की तारीख नहीं बढ़ाई जा रही। नेताओं ने लिमिट बढ़ाने, ऑनलाइन “जीरो” किए गए रकबों को पुनः सक्रिय करने और एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


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