बेमेतरा

बाल साहित्य का विमोचन
03-Jun-2026 7:46 PM
बाल साहित्य का विमोचन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 3 जून।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बाल साहित्य के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में ‘नन्हे बच्चों की 20 मीठी-मीठी कविताएं’ पुस्तक का विमोचन डाइट प्राचार्य जे के घृतलहरे एवं उप प्राचार्य तथा पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे के करकमलों से संपन्न हुआ। यह पुस्तक धनेश रजक, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला खपरी धोबी, विकासखंड साजा द्वारा स्व रचित है।
कार्यक्रम का शुभारंभ लेखक धनेश रजक द्वारा अतिथियों के स्वागत सम्मान से हुआ। उन्होंने प्राचार्य जे के घृतलहरे एवं उप प्राचार्य डॉ. कमल कपूर बंजारे का पुष्पगुच्छ एवं पुष्पमाला से आत्मीय स्वागत किया तथा भारतीय संस्कृति के अनुरूप शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

विमोचन अवसर पर डाइट प्राचार्य जे के घृतलहरे ने लेखक धनेश रजक को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि वे जिले के अत्यंत सक्रिय, नवाचारी एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्रधान पाठक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य के साथ-साथ साहित्य सृजन के माध्यम से बच्चों के लिए उपयोगी एवं मूल्यपरक सामग्री तैयार करना अत्यंत सराहनीय कार्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक बच्चों में पठन पाठन के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उप प्राचार्य एवं पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षकों द्वारा साहित्य लेखन समाज एवं शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने धनेश रजक के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे बाल साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।

पुस्तक विमोचन के पश्चात डाइट प्राचार्य एवं उप प्राचार्य ने लेखक धनेश रजक को मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया तथा आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान की। इस अवसर पर प्राचार्य ने पुस्तक की एक प्रति पर अपने हस्ताक्षर अंकित कर लेखक को भेंट की, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
कार्यक्रम का एक विशेष एवं भावपूर्ण क्षण तब आया, जब धनेश रजक ने अपनी नव प्रकाशित पुस्तक में शामिल एक कविता को गीत के रूप में मधुर स्वर में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित सभी शिक्षकों, व्याख्याताओं एवं कर्मचारियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डाईट प्राचार्य जेके घृतलहरे एवं उप प्राचार्य डॉ. कमल कपूर बंजारे द्वारा धनेश रजक को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उनके शैक्षणिक, साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए भविष्य में भी बच्चों के लिए ऐसी उत्कृष्ट रचनाओं के सृजन हेतु शुभकामनाएं दीं।


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