बेमेतरा
अधिकारी गांव को देखे तब ग्राम की सच्चाई सामने आएगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 4 मई। अब तक चुनाव, पार्टी या प्रत्याशी का विरोध तो देखा एवं सुना गया था लेकिन पहली बार नवागढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत धौरा भाटखुर्द के आश्रित ग्राम के लोगों ने जनगणना कार्य का विरोध किया है। विरोध दर्ज कराने के पूर्व ग्राम सभा में बकायदा प्रस्ताव पारित किया गया है। जिसमें साफ़ साफ़ लिखा है कि ग्राम हरिहरपुर में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का अयोजन किया जाए। गांव की समस्या का यदि निराकरण नहीं होता है तो जनगणना कार्य का विरोध किया जाएगा। गांव के स्कूल टीचर दिनेश कुमार ध्रुव नियमित स्कूल नहीं आते उनका ट्रांसफर किया जाए। आंगनबाड़ी भवन के निकट जर्जर शौचालय को डिस्मेंटल किया जाए।
पढ़ाई छूटती है, सगाई टूटती है
गांव वालों ने यह निर्णय इस कारण लिया है कि यदि जिला स्तरीय शिविर लगेगा तो जिले के अधिकारियों को यह गांव दिखेगा। गांव के लोग छह माह तीन दिशा में तीन किलोमीटर पैदल चलते हैं तब उन्हे पक्की सडक़ का दर्शन होता है। धौराभाट, जंगलपुर, भालापुर जानें के लिए कच्ची सडक़ ही सहारा है,छग के लोक गायक गोफेलाल गेंदले का यह गांव है वे इन दिनों गांव वालों के साथ सुर मिला रहें हैं। इस साल तीन लडक़ों की सगाई सडक़ के फेर में टूट गई। लडक़ी वालों ने यह कहकर रिश्ता तोड़ दिया की चलने लायक सडक़ बन जाए तो शादी के लिए सोचना। सडक़ के कारण बेटियों की पढाई भी छूट जाती है। प्रसव के समय कई महिलाएं मायके चली जाती है। सतनामी एवं यादव दो जाति के लोग इस गांव में रहते हैं। उपेक्षा से आहत होकर यह निर्णय गांव के लोगो ने लिया है।
ग्राम हरिहरपुर में स्कूल जतन योजना में स्कूल भवन का मरम्मत किया गया है। इस कार्य से जि़ले का कार्य देखा जा सकता है। गांव में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हो रहा है। शुद्ध जल के नाम पर जिस स्थल पर सोलर पैनल लगा है वहीं केवल पानी आता है। केवल एक हैंडपंप चलता है बाकी जवाब दे चुके हैं। गांव के लोग हरेक बार चुनाव के पूर्व अपनी आवाज़ बुलंद करते हैं तो उन्हें आचार संहिता का हवाला देकर शांत करा दिया जाता है। इस बार बिफोर एंट्री कर सुशासन की गुहार लगाई गई है ।
शिक्षक के निलंबन का प्रस्ताव डीईओ को भेजा गया
हरिहपुर को लेकर ग्राम सभा में हुए प्रस्ताव को लेकर जब पूछा गया तो प्रभारी बीईओ हितेन्द्र कुमार बंजारे ने कहा कि गांव वालों के प्रस्ताव के पूर्व ही उक्त टीचर के निलंबन का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा जा चूका है। वेतन कटौती एवं कारण बताओ नोटिस पहले दी जा चुकी है। सीईओ जनपद पंचायत एवं एसडीएम नवागढ़ से पुछे गए सवाल का कोई जवाब नहीं दिए। अधिकारियों की चुप्पी यह बता रही हैं कि वे इस गांव तक पहुंचे ही नहीं। लोगों की माने तो नवागढ़ में किसी भी जि़म्मेदार अधिकारी का रात मुकाम नही होता, मुख्यालय में निवास केवल कागजी है।


