बेमेतरा
गायों की तडफ़-तडफ़ कर मौत होना शर्मनाक - रविन्द्र चौबे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 4 मई। उसलापुर (झिरिया) स्थित वन विभाग नर्सरी में 300 से अधिक गौ-वंशों की दर्दनाक मृत्यु के विरोध में शहर के सिग्नल चौक में जारी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन एवं अनशन आज छठे दिन भी जारी रहा।
यह आंदोलन जनपद सदस्य एवं जिला युवा कांग्रेस महासचिव दीपक दिनकर के नेतृत्व में चल रहा है, जो पिछले 6 दिनों से लगातार धरना स्थल पर बैठे हुए हैं। जैसे-जैसे अनशन का समय बढ़ते जा रहा है,स्थानीय जनता का समर्थन भी इस आंदोलन को जन-आक्रोश में बदल रहा हैं।
आंदोलन के छठे दिन प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रांजल तिवारी, जिला पंचायत सदस्य सुशीला जोशी, शशिप्रभा गायकवाड़, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मिथलेश वर्मा, युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष अतुल साहू एवं वतन मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया। सभी नेताओं ने इस घटना को अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रदेश सरकार एवं प्रशासन की घोर लापरवाही पर तीखा हमला बोला।
पूर्व केबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि प्रदेश में गौ-रक्षा के नाम पर राजनीति करने वाली सरकार के कार्यकाल में सैकड़ों गौ-वंशों की मौत होना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। यह घटना साफ तौर पर प्रशासनिक विफलता और संवेदनहीनता को दर्शाती है। यदि समय रहते उचित व्यवस्था की गई होती, तो इन मासूम गौ-वंशों की जान बचाई जा सकती थी। हम मांग करते हैं कि इस मामले में तत्काल दोषियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।
इस अवसर पर पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का उदाहरण है। गौ-वंशों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ सडक़ से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष प्रांजल तिवारी ने कहा कि हमारे साथी दीपक दिनकर पिछले 6 दिनों से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन अब तक संवेदनहीन बना हुआ है। यह लड़ाई केवल गौ-न्याय की नहीं, बल्कि जिम्मेदार शासन व्यवस्था की भी है। हमारी स्पष्ट मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, यह आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप लेगा। आंदोलनकारियों ने दोहराया कि उनकी प्रमुख मांगे है दोषियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई हो और पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो। मांगे पूरी होने तक यह अनिश्चितकालीन अनशन एवं धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।


