बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 3 अप्रैल। गांव में खुलेआम शराब की अवैध बिक्री से नाराज ग्राम झाल के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन से संरक्षण में शराब बिक्री का गंभीर आरोप लगाया। गांव की महिलाओं ने खुलेआम शराब के बिक्री के कारण गांव का माहौल खराब होने पर अपने पीड़ा व्यक्ति की। लगातार शिकायत के बावजूद शराब कोचियों पर कार्यवाही नहीं होने से ग्रामीण आक्रोशित दिखे। गांव में शराब की अवैध बिक्री रोकने के लिए सिटी कोतवाली में शिकायत की गई। शिकायतकर्ता सरपंच के घर कोचिया प्रमोद शर्मा अपने पांच साथियों के साथ धारदार हथियार लेकर पहुंचा। कोचिया के इस कृत्य से घबराए सरपंच ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। इसके बाद मौके पर ग्रामीणों के पहुंचने पर कोचिया अपने साथियों के साथ फरार हो गया।
ग्रामीणों ने पुलिस व आबकारी विभाग के कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार लगातार शिकायत के बावजूद कोचिया पर प्रभावी कार्यवाही नहीं हो रही है। एकाध कार्रवाई कर खाना पूर्ति की जा रही है। दिखावे के लिए प्रकरण दर्ज किया जाता है। कोचिया की गिरफ्तारी दिखाकर उसी दिन छोड़ दिया जाता है। ऐसी स्थिति में कोचिया के हौसले बुलंद है, और वह गांव के लोगों के साथ दबंगई कर रहा है। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देता है।
खौफजदा ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की
कोचिया की दबंगाई से ग्रामीण खौफजदा ज्यादा है। इसलिए सैकड़ों ग्रामीण इक_ा होकर कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां बेमेतरा तहसीलदार ने ग्रामीणों से ज्ञापन लिया, लेकिन ग्रामीण कलेक्टर से मुलाकात करने पर अड़े हुए थे। काफी समझाइए बावजूद ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद इसके बाद सरपंच के नेतृत्व में पांच लोगों के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को पुलिस व आबकारी विभाग के कार्य प्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि लगातार शिकायत के बावजूद कोचिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में वहां ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी देता है, इससे ग्रामीण घबराए हुए हैं।
स्कूल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर शराब की बिक्री
उपसरपंच मेघनाथ वर्मा ने बताया कि स्कूल से मात्रा 50 मीटर की दूरी पर कोचिया अपने दुकान में खुलेआम शराब की अवैध बिक्री करता है। बार-बार समझाने के बावजूद कोचिया मनमानी पर उतारू है। स्कूल जाने के मार्ग पर शराब की अवैध बिक्री को देख बच्चों की मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। गांव का युवा वर्ग नशा का आदि हो रहा है।
ग्रामीण महिलाओं को दोहरी पड़ रही मार
ग्रामीण संगीता, चंद्रकली, चम्पा, रुक्मणी, फूलकुवर व बिसाहिन ने बताया कि गांव में आसानी से शराब मिलने से लोगों में शराब पीने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दोगुना दाम में शराब खरीदा जा रहा है। ऐसी स्थिति में परिवारों की आर्थिक स्थिति बदहाल हो रही है। शराब पीने को लेकर परिवारों में कलह बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की अघोषित दुकान खुल गई है। जहां खुले आम शराब की अवैध बिक्री हो रही है। सरपंच प्रतिनिधि के अनुसार प्रशासन के संरक्षण में गांव में शराब की खेत पहुंचाई जा रही है। इसका वीडियो ग्रामीण के पास होने का दावा किया गया है। उन्होंने शराब की अवैध बिक्री पर रोक लगाने की मांग रखी।
कोतवाली प्रभारी के आश्वासन पर शांत हुए ग्रामीण
सरपंच प्रीति वर्मा के नेतृत्व में कलेक्टोरेट पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने एक सुर में गांव में शराब की बिक्री नहीं होने देने की बात कही। प्रभावी कार्यवाही नहीं होने के कारण लेकर कोतवाली प्रभारी व ग्रामीण में तीखी बहस देखने को मिली। कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण कोतवाली प्रभारी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। यहां कोतवाली प्रभारी ने ग्रामीणों को कोचिया पर प्रभावी कार्यवाही करने के साथ जेल भेजने और गांव में शराब की बिक्री नहीं होने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
कार्रवाई के बिना लौट गई पुलिस टीम
सरपंच प्रतिनिधि कमलेश वर्मा ने बताया कि सिटी कोतवाली में शिकायत के बाद पेट्रोलिंग टीम गांव पहुंची, लेकिन कोई कार्यवाही किए बिना लौट गई। कोचिया दूसरे दिन अपने पांच साथियों के साथ धारदार हथियार लेकर शिकायतकर्ता सरपंच के घर जानलेवा हमला करने पहुंचा। ग्रामीणों की सजगता के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया।


