बेमेतरा

जसगीत के साथ जोत जवारा का विसर्जन, उमड़े भक्त
28-Mar-2026 3:57 PM
जसगीत के साथ जोत जवारा का विसर्जन, उमड़े भक्त

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 28 मार्च।  चैत्र नवरात्रि के  अवसर पर शुक्रवार को शहर संहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। रामनवमी के अवसर पर मंदिरों और घरों में स्थापित जोत-जवारा का विधि-विधान से विसर्जन किया गया।

जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक माता भद्रकाली तालाब में जोत विसर्जन का मुख्य आयोजन हुआ। जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा रही। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए विसर्जन मार्गों और तालाबों को किनारे पुलिस बल मुस्तैद रहा।

धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ-साथ घरों में भी उत्सव का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने 9 दिनों की कठिन साधना के बाद अपने घरों में प्रचलित जोत-जवारा को विसर्जन किया और कन्या भोज का आयोजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

भद्रकाली मंदिर, सडी मंदिर और राम मंदिर जैसे प्रमुख देवस्थानों में मंत्रोपचार के बीच ज्योति कलशों का विसर्जन हुआ। जिसमें मंदिर समिति के सदस्य, पंडा और बड़ी संख्या में सेवादार उपस्थित रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थानीय नदियों और जलाशय में जवारा विसर्जन किया गया।

 

परंपरा ढंग से हुआ विसर्जन

सबसे पहले नगर के माता महामाया मंदिर से आचार्य के पूजा-अर्चना के पश्चात ज्योति कलश निकाले गए। यह यात्रा जब शीतला मंदिर पहुंची तो वहां से माता शीतला की ज्योति और जवारा भी इस भव्य यात्रा में सम्मिलित हुई। जसगीत और मांदर के थाप पर थिरकते श्रद्धालुओं के साथ यह यात्रा दुर्गा मंदिर और अन्य प्रमुख मार्ग से होते हुए माता भद्रकाली तालाब पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह रख कर ज्योति दर्शन किए और माता की आराधना की।  मानपुर, पीकरी और मोहभ_ा में तालाबों में भी स्थानीय जोत- जवारा का विसर्जन पारंपरिक सेवा गीतों के साथ किया गया।


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