बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 23 मार्च। ग्राम अगरी में रविवार को उस वक्त अफरा- तफरी मच गई, ग्राम करही के सैकड़ों ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-30 पर उतर कर चक्काजाम कर दिया। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर 3 बजे तक चला। जिसे क्षेत्र का अब तक का सबसे लंबा प्रदर्शन माना जा रहा है। हाईवे पर 7 घंटे तक आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। मौके पर टेंट लगाए गए। लकड़ी व अन्य वस्तु रखकर आवागमन बाधित किया गया। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची थी। भारी मशक्कत के बाद के बाद लोगों ने अपना आंदोलन वापस लिया।
प्रधानमंत्री सडक़ पर अवैध कब्जा
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम करही में निर्मित प्रधानमंत्री सडक़ के बीचों-बीच एक व्यक्ति ने खंभा गड़ाकर निर्माण कर पूरे रास्ते को बाधित कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सडक़ उनके आवागमन का मुख्य जरिया है। जब पंचायत और ग्रामवासियों ने इस कब्जे को हटाने की कोशिश की तो आरोपी ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, गली-गलौज और जनसामान्य की धमकी दी।
शिक्षा व स्वास्थ्य पर बुरा असर
आंदोलनकारी ने बताया कि सडक़ बंद होने का सबसे गंभीर प्रभाव स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रहा है। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण बच्चे समय पर इसको नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि इस अवैध कब्जे को तत्काल हटाकर सडक़ को अवरुद्ध मुक्त किया जाए।
यात्री रहे परेशान, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हाईवे बाधित होने के कारण सडक़ के दोनों ओर बस, ट्रैकों और निजी वाहनों की कई किलोमीटर लंबी का कतार लग गई। भीषण गर्मी और लंबे इंतजार के कारण यात्रियों को भारी और सुविधा का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वाहनों को पार कराया।
ये रही मुख्य मांगे
तेंदो से करही तक सडक़ का तत्काल निर्माण , लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई, समयबद्ध कार्य योजना की घोषणा।
प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम
घंटों चले इस हंगामे के बीच थानखम्हरिया तहसीलदार मोरध्वज साहू, सजा तहसीलदार बलराम तंबोली, पिपरिया तहसीलदार प्रमोद चंद्रवंशी, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया और संबंधित विभाग से समन्वय कर सडक़ को खाली करने का आश्वासन दिया।
कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी की मौजूदगी में ग्रामीणों ने अपनी मांगे रखी। प्रशासन की समझाइश और लिखित आश्वासन के बाद शाम 5 बजे तक चक्काजाम खोला गया, जिसके बाद यात्रा धीरे-धीरे सामान्य हो गया।
19 मार्च को हट चुका है खंभा और पोल
तहसीलदार थान खम्हरिया मोरध्वज साहू ने कहा कि 19 मार्च को सूचना मिलने के बाद उसी दिन रात में मौके पर पहुंचकर सडक़ से खंभा हटवाया गया था। आवागमन चल रहा है।


