बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 11 मार्च। नगर पालिका में इन दोनों एक अजीब प्रशासनिक स्थिति से गुजर रही है यहां एक ही पद पर दो मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीएमओ अपनी अपनी दैदरी कर रहे हैं जिसमें कार्यालय व्यवस्था पूरी तरह उलझ गई है और आम जनता से लेकर कर्मचारी का असमंजस में है।
मामले की शुरुआत 24 फरवरी को हुई जब नगरी प्रशासन विभाग ने कवर्धा निकाय से जुड़े एक पुराने व्यक्ति मामले में बेमेतरा के तात्कालिक सीमा नरेश वर्मा को निलंबित कर दिया, उनके निलंबन के बाद बीमारी के सीएमओ हरीश वर्मा को विमित नगर पालिका का अतिरिक्त प्रभार सौपंा गया। इसी बीच 5 मार्च को शासन ने पदोन्नति सूची जारी करते हुए महत्व राम साहू को बेमेतरा नगर पालिका का नया सीएम नियुक्त कर दिया। सोमवार को उन्होंने विधवा पदभार की पदभार भी ग्रहण कर लिया, हालांकि इस दौरान निलंबी साइमन नरेश वर्मा न्यायालय से स्थगन आधे सिस्टम मिलने का हमारा देते हुए वापस कार्यालय पहुंच गए और अपने पद पर काम शुरू कर दिया।
तीन अफसरों की सक्रियता से उलझा प्रशासन
वर्तमान स्थिति है कि नगर पालिका कार्यालय में दो आधिकारिक खुद को सीएमओ बताते हुए कार्य कर रहे हैं, जबकि वित्तीय प्रभारी अभिव्यक्ति तीसरे अधिकारी हरीश वर्मा के पास बना हुआ है। एक ही विभाग में तीन अधिकारियों की सक्रियता से प्रशासनिक ढांचे और कार्यालय पदानुक्रम में वह पूरी तरह उलझा दिया है।
जनता और कर्मचारियों में असमंजस
यह सब संदेश का सीधा असर नगर पालिका के कम खर्च पर पड़ रहा है। शहर वासी अपने कार्यों के लिए नगर पालिका पहुंचे तो रहे हैं, लेकिन यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि आवेदन किस अधिकारी को सौंप और किसके हस्ताक्षर मान्य होंगे। इसके कारण कई जरूरी फायदे और विकास कार्य भी अटक गए हैं।
पहली बार बनी ऐसी स्थिति
नगर पालिका में विपक्ष के नेता राजू साहू ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि नगर पालिका के इतिहास में पहली बार ऐसा मामले सामने आए हैं। जब एक ही कुर्सी के लिए दो अधिकारी आमने-सामने है इस भ्रम की स्थिति से शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश वर्मा ने कहा कि मुझे न्यायालय से स्थगन आदेश मिला हैं, इसलिए मैने पुन: ज्वाइन किया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेतरू राम साहू ने कहा कि मुझे शासन के आदेश पर बेमेतरा नगर पालिका का सीएमओ का प्रभार सौंपा गया है।


