बेमेतरा

डाइट डीएलएड की छात्राध्यापकों के लिए चेतना विकास मूल्य शिक्षा पर प्रशिक्षण शुरु
18-Feb-2026 3:54 PM
डाइट डीएलएड की छात्राध्यापकों के लिए चेतना विकास मूल्य शिक्षा पर प्रशिक्षण शुरु

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 बेमेतरा, 18 फरवरी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर के निर्देशानुसार और डाइट बेमेतरा के प्राचार्य जे के घृतलहरे के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट बेमेतरा में डीएलएड प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष के छात्र अध्यापकों के लिए चेतना विकास मूल्य शिक्षा पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरु हो गया है।

प्रशिक्षण की शुरुआत विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई। संस्थान के प्राचार्य जे के घृतलहरे ने संबोधित करते हुए कहा सारी दुनियां के सामने दो ही प्रश्न है क्यों जीना है और कैसे जीना है? ऐसे ही बहुत सारी हमारी जिज्ञासाओं की जानकारी यह जीवन विद्या का प्रशिक्षण देता है। हमारे विचारों को सकारात्मक बनाने का कार्य करता है। हमारा नजरिया हमेशा सकारात्मक हो। जिस प्रकार शिक्षा एक ओर बालक का सर्वांगीण विकास करके उसे तेजस्वी, बुद्धिमान, चरित्रवान, विद्वान और वीर बनाती है, दूसरी ओर शिक्षा समाज की उन्नति के लिए भी आवश्यक और शक्तिशाली साधन है।

 डाइट बेमेतरा में जीवन विद्या के प्रभारी वरिष्ठ व्याख्याता थलज कुमार साहू ने चेतना विकास मूल्य शिक्षा की उपयोगिता और उसकी महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि हम रूप, धन, पद, बल और विशेषज्ञता से सुख प्राप्त करने का प्रयास करते है। जबकि सत्य यही है कि इनसे हमें क्षणिक सुख ही प्राप्त होता है। स्थायी सुख कभी भी नहीं मिल पाता। हम भौतिक वस्तुओं से सुख शांति प्राप्त करने का प्रयास करते हैं हम सामग्रियां से, साधनों से, वस्तु से ही सुख प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। जबकि यह मिलने वाला नहीं है। बल्कि इससे लालसा और लोभ बढऩे लगती है। सामाग्री में सुख नहीं है। मनुष्य के अलावा प्रकृति में सुविधाओं को पाने के लिए किया गया श्रम ही कार्य कहलाता है। मानव, मानव के साथ सुख को, समाधान को, या समझ जो पाने के लिए किया गया श्रम ही व्यवहार कहलाता है। कार्य और व्यवहार को ही हम जीना कहते है। जीना भी दो तरह का होता है। एक मानकर जीना और दूसरा जानकर।

 मानकर जियेंगे, तो वह सही या गलत हो सकता है। जबकि जानकर जीने से विश्वास बढ़ता है और इससे सुख की प्राप्त होती है।

इस अवसर पर डाइट बेमेतरा के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक परस राम साहू, देवी प्रसाद चंदेश्वर, प्रहलाद कुमार टिकरिया, जी एल खुटियारे, श्रद्धा तिवारी, कीर्ति घृतलहरे, अमिंदर भारतीय सहित डीएलएड प्रथम एवं द्वितीय वार्षिक परीक्षा अध्यापक उपस्थित थे डीएलएड प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्राध्यापक उपस्थित थे।


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