बेमेतरा
ं‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 7 फरवरी। बेमेतरा जिले में गुरुवार रात दो अलग-अलग सडक़ दुर्घटनाओं में दो लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि एक महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार बढ़ते हादसों ने जिले की यातायात व्यवस्था और सडक़ सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाइक फिसलने से युवक की मौत-पहली घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मजगांव और बिलई के बीच घटित हुई। जानकारी के अनुसार ग्राम बिलई निवासी तारकेश्वर साहू पिता धनेश्वर साहू गुरुवार द्वारा अपने खेत में पानी डालने के लिए मोटरसाइकिल से निकले थे। मजगांव से डोलिया के मध्य मुख्य मार्ग पर उसकी बाइक नियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटे आई। काफी देर तक सडक़ पर पड़े रहने के बाद परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डाक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव का पोस्टमार्टम कर परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस में प्रार्थी किशन साहू के रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर मामले की जान शुरू कर दी है।
बुजुर्ग दंपति को बाइक ने मारी टक्कर, पति की मौत
दूसरी घटना साजा थाना क्षेत्र में गांव चेचनामेट में पेट्रोल पंप के सामने हुई। ग्राम भरदा लोधी निवासी समय लाल जंघेल अपनी पत्नी विद्या बाई के साथ ग्राम चोरभ_ी में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद मोपेड से वापस लौट रहे थे। तभी सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल सवार ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उसकी मोपेड को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में समय लाल जंघेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी विद्या के चेहरे और हाथ में गंभीर चोट आई है। उन्हें साजा के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दुर्ग रेफर किया गया है। हादसे में दूसरी बाइक पर सवार दो युवक भी गंभीर रूप से घायल है, जिनका उपचार जारी है। पुलिस ने प्रार्थी संतोष जंघेल की शिकायत पर आरोपी वाहन चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।
सिटी कोतवाली क्षेत्र में 6 दिन में 4 मौतें-सिटी कोतवाली क्षेत्र में सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जनवरी में कुल 7 सडक़ दुर्घटना दर्ज की गई थी, जिसमें में 4 लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए थे। वहीं फरवरी की शुरुआत में 6 दिनों में ही 4 दुर्घटना हो चुकी है जिसमें अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन मौतों ने आमजन में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है।
यातायात नियमों की अनदेखी बनी जानलेवा-स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार, लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों का प्रमुख कारण बन रही है। अब आवश्यकता इस बात की है कि पुलिस व प्रशासन द्वारा यातायात नियमों का शक्ति से पालन करना कराया जाए। दुर्घटना संबंधित संभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित किया जाए। रात्रिकालीन पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।


