बेमेतरा

खबर का असर: राज्यपाल गोद ग्राम टेमरी की बदलने लगी तस्वीर, मूलभूत सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस
31-Jan-2026 8:55 PM
 खबर का असर: राज्यपाल गोद ग्राम टेमरी की बदलने लगी तस्वीर, मूलभूत सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 31 जनवरी।
राज्यपाल रमेन डेका के गोद ग्राम टेमरी में स्वच्छता को लेकर एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण निर्मित हो गया है। गांव को स्वच्छ, सुंदर एवं गंदगी मुक्त बनाने के उद्देश्य से यहां स्वच्छता अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण जन स्वयं आगे बढक़र भागीदारी निभा रहे हैं।
इस अभियान में विशेष रूप से बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गठित स्वच्छता ग्राही समूह के सदस्य, तथा गांव के जागरूक नागरिक सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं। महिलाएं अपने घरेलू कार्यों से समय निकालकर गांव की गली-मोहल्लों, सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से सफाई अभियान चला रही हैं।
स्वच्छता अभियान से जुड़ी महिलाओं एवं ग्रामीणों का कहना है कि महात्मा गांधी जी द्वारा परिकल्पित स्वच्छ भारत के सपने को साकार करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि जब तक प्रत्येक नागरिक स्वच्छता को अपनी आदत और संस्कार का हिस्सा नहीं बनाएगा, तब तक स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है। गांव के समाज प्रमुख, वरिष्ठ नागरिक एवं जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ गांव निर्माण में सभी वर्गों की समान भूमिका होती है। प्रत्येक ग्रामीण अपने-अपने स्तर पर इस पुनीत कार्य में जुडऩे का प्रयास कर रहा है, जिससे गांव में स्वच्छता के प्रति सामूहिक चेतना का विकास हो रहा है।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के सतत मार्गदर्शन में टेमरी गांव में स्वच्छता गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रशासनिक सहयोग एवं मार्गदर्शन के चलते ग्रामवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है और गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए। सभी ग्रामवासी अपने-अपने तरीके से सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेकर गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। टेमरी गांव की यह पहल अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन रही है।


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