बेमेतरा
बेमेतरा, 28 दिसंबर। आरटीओ ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि सामने आ रही है। कुछ शातिर ठगों द्वारा परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का क्लोन अथवा फर्जी पेज तैयार कर आम नागरिकों को डराने वाले संदेश भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में यातायात नियम उल्लंघन का हवाला देते हुए ई-चालान भुगतान के नाम पर लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर क्लिक करते ही लोगों की व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर उनके बैंक खाते से राशि की चोरी की जा रही है। इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को ई-चालान के नाम पर भेजे गए संदिग्ध मैसेज लिंक, शॉर्ट लिंक, किसी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से आए संदेश पर क्लिक नहीं करना चाहिए। ऐसे फर्जी संदेशों के माध्यम से लोगों को डराकर जल्द भुगतान के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे वे साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अनजान लिंक, कॉल या ऐप पर भरोसा न करें।
अपने वास्तविक ई-चालान की जानकारी प्राप्त करने एवं भुगतान करने के लिए नागरिक केवल भारत सरकार की अधिकृत वेबसाइट का ही उपयोग करें। इसके पश्चात पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर चालान से संबंधित संपूर्ण जानकारी देखी जा सकती है तथा सुरक्षित रूप से ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।
परिवहन विभाग एवं पुलिस के प्रवर्तन अमले द्वारा जब भी ई-चालान किया जाता है, तो उससे संबंधित टेक्स्ट मैसेज केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाते हैं। किसी अन्य वेबसाइट, लिंक या निजी नंबर से आया संदेश संदिग्ध माना जाना चाहिए।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे ऑनलाइन लेन-देन के दौरान अत्यधिक सतर्क रहें, किसी भी अजनबी को ऑनलाइन भुगतान न करें तथा अपने बैंक खाते, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति को फर्जी कॉल, संदेश, लिंक या ऐप के माध्यम से धोखाधड़ी का संदेह हो, तो वह तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराए। परिवहन विभाग ने कहा है कि नागरिकों की जागरूकता और सतर्कता ही इस प्रकार की साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। ई-चालान से संबंधित किसी भी जानकारी या भुगतान के लिए केवल अधिकृत सरकारी वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार के फर्जी संदेशों से सावधान रहें।


