बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 18 दिसंबर। कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज ने की।
इस अवसर पर जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, बैंकिंग गतिविधियों एवं हितग्राही उन्मुख कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
अपर कलेक्टर भारद्वाज ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब उनका प्रभावी क्रियान्वयन अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। बैठक में कृषि प्रधान बेमेतरा जिले की आवश्यकताओं पर विशेष चर्चा की गई। अपर कलेक्टर ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्यपालन जैसी आयवर्धक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बैंकों से प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत ऋण वितरण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुद्रा योजना, खादी ग्रामोद्योग सहित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने कहा कि युवाओं एवं बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोडऩा प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में बैंकों एवं संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक के दौरान बैंकिंग सेवाओं, ऋण-जमा अनुपात, आधार सीडिंग, वित्तीय समावेशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा पशुपालन एवं मत्स्य पालन के लिए साख सुविधा जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
साथ ही मनरेगा अंतर्गत आधार लिंकिंग की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
अपर कलेक्टर ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जिले की बड़ी आबादी कृषि एवं इससे जुड़े कार्यों पर निर्भर है, इसलिए योजनाओं को गंभीरता और प्राथमिकता के साथ लागू किया जाना आवश्यक है।
बैठक के अंत में सभी विभागों एवं बैंकों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले के समग्र विकास में योगदान देने का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।


