बेमेतरा

बाबा घासीदास का संदेश आज भी प्रासंगिक-योगेश
16-Dec-2025 4:06 PM
बाबा घासीदास का संदेश आज भी प्रासंगिक-योगेश

नपं. कुसमी में सतनाम संदेश रथ यात्रा का समापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 16 दिसंबर। नगर पंचायत कुसमी में आयोजित विकासखंड स्तरीय नव दिवसीय सतनाम संदेश रथ यात्रा का समापन एवं सम्मान समारोह उत्साह और सामाजिक समरसता के वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम में सतनाम पंथ के आराध्य सद्गुरु बाबा गुरु घासीदास के विचारों, सिद्धांतों और मानवतावादी संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया गया। नौ दिनों तक चली यह सतनाम संदेश यात्रा गांव-गांव जाकर ‘मनखे-मनखे एक समान’ का अमर संदेश देती रही।

भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी ने कहा कि सतनाम संदेश रथ यात्रा समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने आयोजकों और सतनामी समाज के सभी भाइयों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जीने ‘मनखे-मनखे एक समान’ का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज को जोडऩे, समानता और मानव सेवा का मार्ग दिखाता है। मानव सेवा से बढक़र कोई सेवा नहीं होती।

श्री तिवारी ने कहा कि बाबा जी का जीवन सत्य, अहिंसा, सेवा और सामाजिक समानता का प्रतीक है। सतनाम पंथ ने सदैव समाज को अंधविश्वास, भेदभाव और अन्याय के विरुद्ध जागरूक किया है। समाज के होनहारों का सम्मान, बना प्रेरणा स्रोत।इस अवसर पर सतनामी समाज के उन प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी मेहनत और बाबा के बताए मार्ग पर चलकर समाज और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सुष्मिता टोंड्रे डिप्टी कलेक्टर, संदीप बघेल डीएसपी, नेहा मारकण्डेय लेखा सेवा अधिकारी उमा बारले स्टेनोग्राफी एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट (हिंदी) जिन्हें प्रधानमंत्री द्वारा देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।

योगेश ने सभी सम्मानित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी ने बाबा जी के रास्ते पर चलकर यह मुकाम हासिल किया है।

 यही रास्ता समाज और देश को आगे ले जाएगा। मानव सेवा पर विशेष संदेश

अपने संबोधन में तिवारी ने अपने बाबा गुरु घासीदास के बताये रास्ते पर चलकर में खुद मानव सेवा का काम कर रहा हूं।सामाजिक दायित्वों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि रायपुर जिले के ग्राम गोमची में वे ‘माँ गोदावरी आनंद वन’ नामक आश्रम का संचालन कर रहे हैं, जहाँ वर्तमान में 82 बुजुर्गों की सेवा की जा रही है। भविष्य में यहाँ 250 बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक आश्रय देने का संकल्प लिया गया है। इस आश्रम में सभी समाजों के निराश्रित एवं उपेक्षित बुजुर्गों को माता-पिता समान आदर, स्नेह और सेवा प्रदान की जा रही है, जो मानवता और सेवा-भाव का जीवंत उदाहरण है।

उन्होंने कहा- मेरे मन में यह विचार बाबा के आशीर्वाद से आया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है। इस धरती पर हमारा जन्म सेवा के लिए ही हुआ है।लोककला, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोककला मंच, ग्राम हरिनछपरा द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। जय सतनाम पंथी पार्टी एवं झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं। इस अवसर पर दीपेश साहू, अवधेश चंदेल, मोहन जांगड़े, चंद्रप्रकाश साहू, विशाल देशलहरे, जगदीश कुरें अध्यक्ष, जगमोहन गेंड्रे, मानक सिंह चतुर्वेदी, मुकेश सेवक, राम किशोर, सुखदेव टंडन, मनोज, केवल चंदेल, प्यारेलाल, कुलेश्वर कुर्रे, कन्हैया गायकवाड़, मनीष टंडन, ऋषि टंडन सहित ग्रामवासी उपस्थित रहे।


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