बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 2 फरवरी। प्रशासनिक दौरे अक्सर निरीक्षणों तक सीमित रहते हैं, लेकिन बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने इसे जनसेवा का माध्यम बनाकर एक मिसाल पेश की है। उनकी त्वरित पहल से भूरसण्डी की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला, जो सालों से खामोशी में जी रही थीं, अब फिर से सुन सकेंगी।
घटनाक्रम 31 जनवरी का है, जब कलेक्टर आकाश छिकारा बस्तर विकासखंड के भ्रमण पर थे। इसी दौरान भूरसण्डी (कोटवारपारा) निवासी 69 वर्षीय दशमती पति मंगत ने उनसे मुलाकात की। बातचीत के दौरान दशमती ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उन्हें दोनों कानों से सुनाई नहीं देता, जिससे उनका जीवन कष्टप्रद हो गया है।
कलेक्टर ने न केवल उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी, बल्कि तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण नाग को निर्देश दिए। उन्होंने श्रीमती दशमती का तत्काल ‘ऑडियोमेट्री टेस्ट’ करवाने और उन्हें ‘हियरिंग एड’ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री छिकारा के निर्देशों का पालन करते हुए सोमवार को दशमती को महारानी अस्पताल लाया गया। यहाँ उनकी आवश्यक जाँचें पूरी की गईं और उन्हें प्रशासन की ओर से श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
मशीन लगते ही जब दशमती को आवाजें सुनाई दीं, तो उनकी आँखें भर आईं। भावुक होते हुए उन्होंने कलेक्टर आकाश छिकारा के इस संवेदनशील कार्य के लिए उन्हें दिल से धन्यवाद दिया और आशीर्वाद दिया।


