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बस्तर: कड़ी जांच के बाद शिक्षक बनने 11 हजार से अधिक ने दी परीक्षा
01-Feb-2026 10:57 PM
बस्तर: कड़ी जांच के बाद शिक्षक बनने 11 हजार से अधिक ने दी परीक्षा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 1 फरवरी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल व्यापमं द्वारा रविवार को आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा बस्तर जिला मुख्यालय में प्रशासन की सुचारु व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

भविष्य के शिक्षकों की इस परीक्षा में अनुशासन का स्तर ऐसा रहा कि कड़ाके की ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों ने जूते-मोजे के केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा दिया। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित ड्रेस कोड और समय सीमा के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जहां बायोमेट्रिक जांच और सघन तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को अपनी सीट तक जाने की अनुमति मिली।

कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा में कुल 14,174 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 11,870 अभ्यर्थियों ने उपस्थित होकर परीक्षा दी, जबकि 2,304 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने समय को लेकर भी विशेष सख्ती बरती। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पूर्व ही केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए जाने की सूचना पहले ही दे दी गई थी, जिसका कड़ाई से पालन किया गया। नकल रोकने के लिए तीन उडऩदस्ता दलों ने लगातार केंद्रों का निरीक्षण किया, वहीं 24 अधिकारियों ने बतौर पर्यवेक्षक परीक्षा सामग्री के परिवहन से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं को जमा करने तक की जिम्मेदारी संभाली। शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को इस पूरी प्रक्रिया के लिए समन्वयक केंद्र बनाया गया था, जहां से पूरे परीक्षा संचालन की निगरानी की गई।

परीक्षा के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि कड़े सुरक्षा नियमों और ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों का उत्साह बना रहा। दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा की सुबह की पाली प्राथमिक स्तर के लिए थी। इसमें शहर के 15 केंद्रों पर 5,599 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 4,523 उपस्थित रहे, जिससे उपस्थिति का प्रतिशत 80.78 रहा। वहीं, दोपहर 3 बजे से आयोजित द्वितीय पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (बीएड धारी) के अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। चूंकि इस वर्ग में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक थी, इसलिए प्रशासन ने 24 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए थे। सुबह की तुलना में दूसरी पाली में अभ्यर्थियों का उत्साह अधिक दिखा, जहां 8,575 में से 7,347 अभ्यर्थी शामिल हुए और उपस्थिति का प्रतिशत बढक़र 85.68 तक पहुंच गया।

 कुल मिलाकर 83.74 प्रतिशत औसत अभ्यर्थियों ने अनुशासन का पालन करते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।


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