बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 13 जून। छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोडऩे वाले महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय कनहर पुल के नीचे हो रहे अवैध
रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। एसडीएम आनंद नेताम के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कनहर नदी में स्थित अंतरराज्यीय पुल के नीचे लंबे समय से अवैध रूप से बालू निकाले जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम आनंद नेताम ने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर मौके का निरीक्षण कराया। जांच के दौरान दो ट्रैक्टर बालू उत्खनन में संलिप्त पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम आनंद नेताम ने कहा कि पुल के नीचे या उसके आसपास किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कनहर नदी पर बना यह पुल दोनों राज्यों के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग है और प्रतिदिन हजारों लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ऐसे में पुल की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि लगातार बालू निकासी से पुल की नींव कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही नदी की प्राकृतिक धारा प्रभावित होने से भविष्य में पुल की संरचना पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। समय रहते ऐसे मामलों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
संयुक्त टीम ने नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध खनन में शामिल अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई है।
जब्त ट्रैक्टरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, वहीं अवैध उत्खनन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से पुल के नीचे अवैध बालू उत्खनन जारी था, जिससे पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। ग्रामीणों ने नियमित निगरानी और लगातार कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में दोबारा इस तरह की गतिविधियां न हो सकें।
गौरतलब है कि क्षेत्र में पूर्व में अवैध रेत उत्खनन के कारण पचावल पुल को नुकसान पहुंच चुका है। ऐसे में कनहर पुल के नीचे हो रहे अवैध उत्खनन पर प्रशासन की यह कार्रवाई समय पर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वहीं कार्रवाई के बाद कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा दबाव बनाने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


