बलरामपुर

आजादी के 79 साल बाद भी सडक़ को तरसे ग्रामीण, पुरानडीह में डामरीकरण की मांग तेज
11-Jun-2026 10:49 PM
आजादी के 79 साल बाद भी सडक़ को तरसे ग्रामीण, पुरानडीह में डामरीकरण की मांग तेज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रामानुजगंज,11 जून। नगर सीमा से लगे ग्राम पुरानडीह के ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी सडक़ समस्या को लेकर एक बार फिर आवाज़ बुलंद की है। ग्रामीणों का कहना है कि आज़ादी के बाद से अब तक गांव को जोडऩे वाली मुख्य सडक़ का डामरीकरण नहीं हो सका है, जिससे बरसात के दिनों में आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो जाता है।

पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बी.डी लाल गुप्ता, सुनील कन्हरे, मदन राम, रघुनाथ कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सडक़ निर्माण की मांग उठाते हुए शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। ग्रामीणों ने बताया कि रामानुजगंज नगर से सटे होने के बावजूद पुरानडीह सडक़ जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है।

ग्रामीणों के अनुसार सडक़ की स्थिति इतनी खराब है कि हल्की बारिश में ही मार्ग कीचड़ से भर जाता है। बरसात के मौसम में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार ग्रामीणों द्वारा सडक़ निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।

पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बी. लाल गुप्ता ने कहा कि पुरानडीह की सडक़ लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। नगर सीमा से लगे गांव में आज तक डामरीकृत सडक़ नहीं बनना विकास के दावों पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सडक़ निर्माण स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ कराने की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। आगामी बरसात को देखते हुए लोगों की चिंता बढ़ गई है। यदि समय रहते सडक़ निर्माण नहीं कराया गया तो बरसात के दौरान स्थिति और भी विकट हो सकती है।

ग्रामीणों ने शासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पुरानडीह सडक़ का शीघ्र डामरीकरण कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।


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