बलरामपुर
बलरामपुर-रामानुजगंज, 6 जून। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर शाखा रामानुजगंज में किसानों के नाम पर कथित रूप से फर्जी ऋण प्रकरण तैयार कर धान विक्रय राशि से लाखों रुपये की कटौती किए जाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अरविंद दुबे ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए इसे संभावित रूप से एक बड़े वित्तीय घोटाले का रूप बताया है।
अरविंद दुबे ने कहा कि विगत वर्ष जब किसानों को धान विक्रय की राशि का भुगतान किया गया, तब बड़ी संख्या में किसानों के खातों से तथाकथित ‘रीड ऋ ण ’ की राशि काटी जाने लगी। इसी दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा होना प्रारंभ हुआ। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अनेक ऐसे किसानों के नाम पर भी ऋण दर्शाया जा रहा है जिन्होंने कभी ऋण के लिए आवेदन तक नहीं किया और न ही किसी प्रकार की ऋण राशि प्राप्त की।
उन्होंने बताया कि सहकारी व्यवस्था के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीधे किसानों को ऋण प्रदान नहीं करता, बल्कि आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण वितरण की प्रक्रिया संचालित होती है। संबंधित समितियां किसानों के भूमि रकबे एवं पात्रता के आधार पर ऋण प्रस्ताव तैयार कर जिला सहकारी बैंक को भेजती हैं, जिसके बाद ऋण स्वीकृत किया जाता है। लेकिन वर्तमान मामले में कई किसानों के नाम पर ऐसे ऋण दर्ज हैं, जिनकी जानकारी स्वयं किसानों को नहीं है।
अरविंद दुबे ने आरोप लगाया कि अनेक पीडि़त किसानों को संबंधित सहकारी समितियों द्वारा लिखित रूप से यह प्रमाणित किया गया है कि उन्होंने समिति से कोई ऋण प्राप्त नहीं किया है तथा उनके नाम पर कोई बकाया राशि नहीं है। इसके बावजूद जिला सहकारी बैंक इन प्रमाणपत्रों को स्वीकार नहीं कर रहा और किसानों की धान विक्रय राशि से कथित बकाया ऋण की कटौती कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कई किसानों ने इस संबंध में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर के अधिकारियों, महाप्रबंधक तथा जिला प्रशासन के समक्ष बार-बार आवेदन प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों द्वारा कलेक्टर को भी शिकायतें सौंपी गईं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई, लेकिन आज तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान भी प्रभावित किसानों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और कई मामलों में आवेदन स्वीकार करने तक से इनकार कर दिया गया। इससे किसानों में भारी नाराजगी और असंतोष व्याप्त है।
अरविंद दुबे ने कहा कि सामान्यत: ऋण राशि भूमि के रकबे और निर्धारित मानकों के अनुसार स्वीकृत की जाती है, किंतु कई मामलों में किसानों के नाम पर उनकी पात्रता से कहीं अधिक राशि ऋण के रूप में दर्ज दिखाई जा रही है। इससे आशंका उत्पन्न होती है कि संगठित तरीके से फर्जी ऋण प्रकरण तैयार कर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं।
उन्होंने मांग की कि राज्य शासन, सहकारिता विभाग तथा जिला प्रशासन इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराएं। यदि निष्पक्ष जांच की जाती है तो जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और संबंधित संस्थाओं में हुए बड़े घोटाले की परत-दर-परत सच्चाई सामने आ सकती है। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसानों का विश्वास पुन: स्थापित हो सके।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अरविंद दुबे ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा कांग्रेस पार्टी पीडि़त किसानों के अधिकारों की लड़ाई निरंतर लड़ती रहेगी।


