बलरामपुर
जल संरक्षण से खेती के लिए सालभर मिल रही सिंचाई सुविधा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर, 22 अप्रैल। बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत उफिया में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सुई थोपा नाला पर निर्मित चेकडैम ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। यह चेकडैम जल संरक्षण का सशक्त माध्यम बनकर किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
चेकडैम के निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण संभव हुआ है, जिससे क्षेत्र में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां पानी की कमी के कारण किसान सीमित खेती तक ही सीमित थे, वहीं अब उन्हें वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है।
मनरेगा के अंतर्गत किए गए इस निर्माण कार्य से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिला, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। चेकडैम के कारण लगभग 16 एकड़ कृषि भूमि सिंचित हो रही है, जिससे 7 किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। ये किसान अब गेहूं, सरसों, मक्का, धान और सब्जियों जैसी बहुफसली खेती कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।
इसके अलावा आसपास के लगभग 25 से 30 किसान भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से किसानों ने पारंपरिक खेती से आगे बढक़र आधुनिक और बहुफसली खेती को अपनाना शुरू कर दिया है।
चेकडैम बनने के बाद न केवल खेती में सुधार हुआ है, बल्कि जल संरक्षण के कारण पशुओं के लिए भी वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में समग्र सुधार देखा जा रहा है। यह चेकडैम क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है।


