बलरामपुर
15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने उच्च न्यायालय की लेंगे शरण, सौंपा ज्ञापन
राजपुर, 21 अप्रैल। बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत जिगड़ी में विभिन्न योजनाओं में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं पर अब तक कार्रवाई और वसूली नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने कलेक्टर बलरामपुर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर वे उच्च न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि जनपद पंचायत राजपुर द्वारा वर्ष 2019 में की गई जांच (क्रमांक 5069/जांच/2019, दिनांक 19 मार्च 2019) में तत्कालीन सरपंच मीना बखला और सचिव कल्लू राम के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए थे। जांच में कुल 19 लाख 82 हजार 123 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई थी और उक्त राशि की वसूली निर्धारित की गई थी, लेकिन आज तक न तो राशि की वसूली की गई और न ही दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि वित्तीय गड़बड़ी के बावजूद संबंधित सचिव को बार-बार उसी पंचायत में पदस्थ किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि 19,82,123 रुपये की राशि की तत्काल वसूली की जाए, सरपंच और सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए तथा सचिव को तत्काल हटाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
ज्ञापन में बताया गया है कि जांच के दौरान आठ बिंदुओं पर अनियमितताएं पाई गई थीं। इनमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत 261 शौचालय निर्माण, मनरेगा से 90 शौचालय निर्माण, मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी, सामग्री भुगतान लंबित, 14वें वित्त और मूलभूत मद की राशि का समायोजन नहीं किया जाना प्रमुख है। जांच में करीब 16 लाख 25 हजार 73 रुपये की अतिरिक्त राशि व्यय होना भी पाया गया, जिसे वसूली योग्य माना गया।
इसके अलावा पंचायत की आय-व्यय जानकारी ग्रामसभा रजिस्टर में दर्ज होने के बावजूद ग्रामीणों को नहीं दी गई। बीएसएनएल टावर से प्राप्त 25 हजार रुपये की राशि सरपंच के पुत्र के खाते में स्थानांतरित किए जाने, कांजी हाउस संचालन का रिकॉर्ड नहीं होने तथा ढोढ़ी और नहानी घर निर्माण कार्य अधूरे रहने जैसी अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है।
वहीं सुखद सहारा योजना की पेंशन भुगतान और प्रधानमंत्री आवास योजना में भी गड़बड़ी सामने आने का दावा किया गया है।
इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि मामला वर्ष 2019 का है। फाइल की तलाश कराई जा रही है और उपलब्ध होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


