बलरामपुर

त्रिकुण्डा राशन दुकान में अनियमितताओं का आरोप
02-Jan-2026 10:48 PM
त्रिकुण्डा राशन दुकान में अनियमितताओं का आरोप

कार्डधारियों से अवैध वसूली व कम राशन देने की शिकायत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलरामपुर-रामानुजगंज, 2 जनवरी। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिकुण्डा की शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने खाद्य शाखा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए अवैध वसूली, राशन कटौती, दुकान अनियमित रूप से खोलने तथा अभद्र व्यवहार जैसी कई अनियमितताओं की शिकायत की है।

शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राशन दुकान संचालक द्वारा प्रत्येक कार्डधारी से निर्धारित 27 रुपए के स्थान पर 30 रुपए वसूले जा रहे हैं। अतिरिक्त राशि मांगने पर ‘अगले महीने ले लेना’ कहकर टाल दिया जाता है, लेकिन आज तक किसी को पैसा वापस नहीं किया गया।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ई-केवाईसी की तिथि बढऩे के बावजूद कई कार्डधारियों की ई-केवाईसी जानबूझकर नहीं की जा रही है, जिससे पात्र हितग्राहियों को राशन से वंचित होना पड़ रहा है। दुकान को माह में केवल 8 से 12 दिन ही खोला जाता है और अक्सर ‘सर्वर नहीं चल रहा’ कहकर हितग्राहियों को वापस लौटा दिया जाता है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मशीन में 35 किलो राशन दर्ज होने के बावजूद मात्र 20 किलो ही चावल वितरित किया जा रहा है, साथ ही 250 से 400 ग्राम तक कम तौल भी दी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शेष चावल को बाजार में बेच दिया जाता है।

इसके अलावा दिसंबर में करीब 70 से 80 कार्डधारियों का फिंगर/ओटीपी लगाकर भी राशन नहीं दिया गया। एपीएल चावल आने के बावजूद पिछले दो महीनों से वितरण नहीं किया जा रहा है। संचालक द्वारा खुला पैकेट नमक वितरित किए जाने से ग्रामीणों ने स्वास्थ्य से खिलवाड़ का भी आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर संचालक द्वारा ई-केवाईसी न करने और अगले माह और राशन काटने की धमकी दी जाती है।

 गौरतलब है कि महिला स्वसहायता समूह के नाम पर संचालित दुकान में अधिकांशत: पुरुषों द्वारा वितरण किया जा रहा है, जबकि राशन लेने आने वालों में 90 प्रतिशत महिलाएं होती हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की बिंदुवार जांच कर वर्तमान संचालक का लाइसेंस निरस्त किया जाए और दुकान का संचालन किसी योग्य समूह या समिति को सौंपा जाए।इस संबंध में खाद्य विभाग द्वारा जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।


अन्य पोस्ट