बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 3 मई। भारत सरकार के ‘स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय’ द्वारा इस वर्ष ‘टीबी मुक्त भारत अभियान-100 दिवसीय अभियान’ मनाया जा रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान भारत में टी. बी. (तपेदिक/क्षय रोग) को समाप्त करने की एक राष्ट्रीय पहल है। भारत सरकार, खान मंत्रालय के अधीन भारतीय खान ब्यूरो, रायपुर, के तत्वावधान में, मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह सीमेंट वक्र्स के कुकुरडीह लाइमस्टोन खदान में भी ‘टीबी मुक्त भारत अभियान-100 दिवसीय अभियान’ की शुरुवात की गई।
‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की शुरुवात कुकुरडीह लाइमस्टोन खदान के कर्मचारियों एवं श्रमिकों के मध्य शपथ ग्रहण से की गयी जिसमे सभी ने यह संकप लिया कि इस रोग को भारत से ख़त्म करने में पूरा सहयोग प्रदान करेंगे और टीबी से संबंधित कलंक और भेदभाव को समाप्त करेंगे। इस कार्यक्रम को अभिषेक भारद्वाज (एफएच-माइंस) के द्वारा सम्बोधित किया गया और हेमंत वर्मा (एस एच-जियोलॉजिस्ट) एवं संदीप सिंह (एस एच-माइंस मेंटेनेंस ) ने माइंस के कर्मचारियों एवं कॉन्ट्रैक्टर के श्रमिकों को टीबी मुक्त भारत अभियान के बारे में जागरूक किया।
इसी कड़ी में, रोहित यादव, चीफ मेडिकल ऑफिसर के दिशा निर्देशानुसार मेडिकल टीम धीरज भुवा एवं अनुपमा राठौर के द्वारा माइंस के कर्मचारियों एवं कॉन्ट्रैक्टर के श्रमिकों को माइंस ऑफिस में कार्यक्रम आयोजित कर बताया कि टीबी उन्मूलन एक राष्ट्रीय लक्ष्य है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक समर्थन के द्वारा मरीजों को फिर से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।
कुकुरडीह लाइमस्टोन खदान के आश्रित ग्राम कुकुरडीह में टीबी मुक्त भारत अभियान के बारे में जागरूकता का कार्यक्रम आयोजन किया गया जिसमे गांव के सरपंच- टिकेश्वर ध्रुव (सरपंच) एवं डोमार साहू (उप-सरपंच) और गांव की महिलाओ के साथ-साथ अन्य नागरिको के द्वारा बढ़-चढक़र हिस्सा लिया गया। कुकुरडीह सीमेंट वर्क्स के मेडिकल टीम धीरज भुवा एवं अनुपमा राठौर के द्वारा ग्रामवासियो को टीबी मुक्त भारत अभियान के बारे में बताया गया। मेडिकल टीम ने बताया कि भारत सरकार की ओर से टीबी के मरीजों को उपचार के दौरान पोषण के लिए प्रति माह ?500 (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर) की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, आम जनता, संगठन, और नेता च्निक्षय मित्रज् के रूप में टीबी मरीजों को गोद ले सकते हैं।
उन्हें पोषण संबंधी सहायता (पोषण किट) प्रदान कर सकते हैं। इस पहल से तपेदिक के खिलाफ लड़ाई में समाज की सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी और इस गतिविधि का उद्देश्य जनता के बीच तपेदिक के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
अल्ट्राटेक कुकुरडीह सीमेंट वर्क्स की ओर से हेमंत वर्मा (एस एच-जियोलॉजिस्ट) उपस्थित रहे। सीएसआर टीम की ओर से दया वर्मा एवं परमेश्वर साहू द्वारा कार्यक्रम के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। कार्यक्रम में संवादात्मक सत्र का भी आयोजन किया गया, जिससे महिलाओं में टीबी को लेकर जागरूकता और विश्वास बढ़ा। अल्ट्राटेक कुकुरडीह सीमेंट वर्क्स ने इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य एवं ‘टीबी-मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


