बलौदा बाजार

जिला पुलिसिंग हुआ डिजिटल, प्रदेश में सीसीएनएस, नफीस, वीसीएनवी में बलौदाबाजार प्रथम
13-Feb-2026 6:08 PM
जिला पुलिसिंग हुआ डिजिटल, प्रदेश में सीसीएनएस, नफीस, वीसीएनवी में बलौदाबाजार प्रथम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 13 फरवरी। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद बलौदाबाजार जिले में पुलिस व्यवस्था तेजी से डिजिटल हो रही हैं। पारंपरिक पुलिसिंग में जहां थानों में मोटे रजिस्टर कागजी फ़ाइलें और मैनुअल प्रक्रिया हैवी रहती थी वहीं अब पुलिस कर्मी आईपैड और लैपटॉप के जरिए अधिकतर काम ऑनलाइन कर रहे हैं।

जिले में अपराध पंजीयन से लेकर फोरेंसिक रिपोर्ट, कोर्ट चालान, समन तामीली और आरोपियों की पहचान तक की प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होती जा रही हैं। जिले की पुलिस इस बदलाव में राज्य स्तर पर अग्रणी मानी जा रही है। सीसीटीएनएस अपलोड, नफीस और वीसीएनबी डिजिटलाइजेशन के मामले में बलौदाबाजार पुलिस को प्रदेश में पहला स्थान मिला हैं। फिलहाल, थानों के रोजनामचा यानी दैनिक गतिविधि रजिस्टर को छोडक़र लगभग सभी काम ऑनलाइन हो चुके हैं। आने वाले समय में रोजनामचा भी पूरी तरह डिजिटल होने जा रहा है, जिससे थानों की कार्य प्रणाली और अधिक पारदर्शी बनेगी।

स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सिस्टम लागू होने से अब शिकायत दर्ज करने या प्रकरण की स्थिति जानने के लिए लोगों को बार-बार थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले फरियादियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि कई प्रक्रियाएं ऑनलाइन ही पूरी हो सकेगी।

जिला अस्पतालों से जुड़ी मेडलीपीआर पर व्यवस्था भी शुरू कर दी गई हैं, जिससे मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीधे ऑनलाइन थानों तक पहुंच रही हैं। सीसीटीएनएस से एक क्लिक पर अपराध की पूरी जानकारी सीसीटीएनएस के जरिए अपराध दर्ज होने के बाद उसकी जांच और विश्लेषण तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही हैं। यह सिस्टम देशभर में थानों को एक नेटवर्क से जोड़ता है, जिससे अपराधों का डाटा संग्रहण भंडारण और विश्लेषण आसान हो गया हैं।

नफीस से देश भर में अपराधियों की पहचान

राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (नफीस) के तहत अपराधियों के फिंगरप्रिंट लेकर उन्हें सीसीटीएनएस से जोड़ा जा रहा हैं। जिससे नाम बदलकर या अलग-अलग राज्यों में अपराध करने वाले आरोपियों की पहचान आसान हो गई हैं। केस डायरी पूरी होने के बाद ई कोर्ट चालान के जरिए फाइलें डिजिटल रूप से संबंधित अदालतों को भेजी जा रही हैं। इससे कोर्ट को प्रकरण की रियल टाइम मॉनिटरिंग मिल रही हैं। वहीं ई समन पोर्टल से अदालतों के समन और वारंट सीधे थानों तक ऑनलाइन पहुंच रहे हैं, जिससे तमिल की प्रक्रिया तेज हो हुई हैं।

जल्द ऑनलाइन होगा रोजनामचा एएसपी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग तेजी से डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ रहा हैं। केस डायरी कोर्ट में भेजने से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही हैं। जल्द ही थानों तक दैनिक कार्य रजिस्टर यानी रोजनामचा भी पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगा।

जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। डिजिटल पुलिसिंग के इस बदलाव से न सिर्फ जांच की गति बढ़ेगी बल्कि आम लोगों को भी पुलिस सेवाओं से पहले से अधिक सुविधा और पारदर्शिता मिलेगी।


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