बलौदा बाजार
पुन: बहाली की मांग, कहा-उनके बगैर आवास के काम में बाधा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 10 फरवरी। बलौदाबाजार जिले के प्रवास पर आए वित्त मंत्री ओपी चौधरी से बलौदाबाजार में आवास मित्रों ने सोमवार को मुलाकात कर अपनी पुन: बहाली, कार्य संबंधित बाध्यताएं खत्म करने तथा प्रोत्साहन राशि में कटौती रोके जाने की मांग की। इस पर मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह संबंधित विभागीय मंत्री से बात कर उनके हित में उचित निर्णय करेंगे।
आवास मित्रों ने मंत्री को बताया कि जिले में इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में बलौदाबाजार जिले को 27667 आवासों का लक्ष्य मिला है। इनमें से 25908 हितग्राहियों को प्रथम किस्त का भुगतान हो चुका है। इसके बावजूद अब आवास मित्रों को हटाकर यह काम रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों से करने का निर्णय लिया गया है, जबकि ये पहले से ही कई योजनाओं का अतिरिक्त बोझ उठा रहे हैं। अत: इसका असर आवास निर्माण की प्रगति पर पढऩा है। किस्त अटकेंगे, आवास पूर्णता की ओर पूरी करने में परेशानी होगी। इसका सीधा असर हितग्राहियों पर पड़ेगा।
साल 2024-25 में 2500 आवास शुरू नहीं हुआ। 4700 अधूरे हैं। वहीं 2025-26 में 1126 आवास पूरे हुए हैं जबकि लक्ष्य 27667 आवास का हैं। 16722 अधूरे हैं और 9205 शुरू नहीं हुए हैं। इस तरह दोनों साल के 21422 अधूरे और 9205 शुरू नहीं हुए आवास के काम लंबित हैं।
आवास मित्रों ने मंत्री को बताया कि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जिससे वह बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने तत्काल उन सभी को पुन: कार्य पर बहाल करने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने कार्ययोजना से जुड़ी कठिन शर्तों पर भी अपनी चिंता जताई। उनका कहना था कि प्रत्येक आवास मित्र पर 150 आवास निर्माण का लक्ष्य पूरा करने की बाध्यता है जो व्यावहारिक नहीं है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। इसके अलावा कार्यों में विलंब होने पर प्रोत्साहन राशि में जो कटौती की जाती है उस पर रोक लगाने की भी मांग उन्होंने की।
आंदोलन की दे चुके चेतावनी, हजारों परिवार प्रभावित
आवास मित्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकल गया तो वह हितग्राहियों के साथ मिलकर जिला और प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे। पूरे जिले में लगभग 182 और प्रदेश में 4000 आवास मित्र कार्यरत थे। लेकिन मामला सीधे लाखों हितग्राहियों से जुड़ा हैं। आवास मित्रों की छुट्टी के बाद सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण गरीब हितग्राहियों को हो रही हैं। कई गांव में मकान प्लिंथ या छत स्तर पर अटके पड़े हैं। जिओ टैगिंग नहीं होने से अगली किस्त रुक गई हैं। हितग्राही अब पंचायत सचिव रोजगार सहायक और जनपद कार्यालय के चक्कर काटने मजबूर हैं।
हितग्राहियों का कहना है कि पहले आवास मित्र घर-घर जाकर मार्गदर्शन करते थे फोटो लेते थे जियो टैग करते थे और समय पर काम पूरा करवाते थे। अब न तो कोई बताएं बताने वाला है और ना सुनने वाला।
बहाली के लिए विभाग से भी जल्द की जाएगी चर्चा -वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आवास मित्रों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें सांत्वना दी उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस मामले पर संबंधित विभाग से विचार विमर्श कर उनकी समस्याओं के निवारण का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर डागेश्वर वर्मा, सेवक जायसवाल, घनश्याम रजक, विनोद जांगड़े, पूरण कुमार साहू, योगेश वर्मा, सागर वर्मा, पवन कुमार, राधिका वर्मा, धनेश्वरी बंजारे, तारकेश्वर वर्मा आदि मौजूद थे।


