बलौदा बाजार

आरटीआई आवेदन वापस करने का मामला सूचना आयोग पहुंचा, 9 दिसंबर को होगी सुनवाई
09-Feb-2026 4:17 PM
आरटीआई आवेदन वापस करने का मामला सूचना आयोग पहुंचा, 9 दिसंबर को होगी सुनवाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 9 फरवरी। जिले के ग्राम डमरू स्थित शासकीय आयुर्वेद औषधालय से जुड़ा एक मामला सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सूचना आयोग तक पहुँच गया है। आरटीआई कार्यकर्ता दिलेराम सेन की शिकायत पर आयोग ने इस प्रकरण में सुनवाई के लिए 9 दिसंबर 2026 की तिथि निर्धारित की है।

क्या है मामला-प्रकरण क्रमांक सी/2363/2023 के अनुसार कसडोल निवासी दिलेराम सेन ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि औषधालय में जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) उपलब्ध न होने के बावजूद आवेदन को धारा 6(3) के तहत संबंधित सक्षम कार्यालय को अग्रेषित करने के बजाय अनधिकृत बताकर वापस कर दिया गया।

हैरान करने वाले तर्क-इस मामले में औषधालय प्रशासन की ओर से राज्य सूचना आयोग को दिए गए जवाब में कहा गया है कि संस्था एक चिकित्सा केंद्र है, कार्यालय नहीं है, इसलिए यहाँ जन सूचना अधिकारी की नियुक्ति की अनिवार्यता नहीं है।

हालाँकि शिकायतकर्ता का कहना है कि यह तर्क आरटीआई अधिनियम की भावना के अनुरूप नहीं है, क्योंकि सरकारी धन से संचालित संस्थान सार्वजनिक प्राधिकरण की श्रेणी में आते हैं।

दोहरी जिम्मेदारी, फिर भी चूक-शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी उस समय आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के साथ-साथ जिला आयुर्वेद अधिकारी का प्रभार भी संभाल रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद आवेदन को नियमानुसार अग्रेषित नहीं किया गया।

आयोग की सुनवाई में इन बिंदुओं पर होगा विचार-आगामी सुनवाई में राज्य सूचना आयोग मुख्य रूप से इन पहलुओं की जाँच करेगा— क्या आरटीआई आवेदन को गलत तरीके से अस्वीकार किया गया, क्या धारा 6(3) के प्रावधानों का पालन किया गया, क्या संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की आवश्यकता है

शिकायतकर्ता दिलेराम सेन का कहना है कि यह मामला केवल सूचना प्राप्त करने का नहीं, बल्कि आरटीआई कानून के सही क्रियान्वयन का है।


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